कंप्यूटिंग और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में UOU की नई पहचान, ‘Integrated Computing and Software Engineering Device’ को मिला डिजाइन पंजीकरण
समाचार सच, हल्द्वानी। रिपोर्ट- अजय सिंह चौहान।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के लिए तकनीकी अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र से बड़ी उपलब्धि सामने आई है। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस एवं आईटी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नीलिमा बुधानी के नेतृत्व में विकसित ‘Integrated Computing and Software Engineering Device’ के डिजाइन को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय से पंजीकरण प्राप्त हुआ है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक प्रोफाइल भी डॉ. नीलिमा बुधानी को स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस एवं आईटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में दर्ज करती है।
यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में तकनीकी नवाचार, अनुप्रयुक्त अनुसंधान और नई तकनीकों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। डॉ. नीलिमा बुधानी के नेतृत्व में तैयार किया गया यह उपकरण कंप्यूटिंग और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग से जुड़े विभिन्न कार्यों को एक एकीकृत एवं कॉम्पैक्ट प्लेटफॉर्म में समेटने की अवधारणा पर आधारित है।
‘Integrated Computing and Software Engineering Device’ का उद्देश्य कंप्यूटिंग से संबंधित विभिन्न कार्यों को सुव्यवस्थित तरीके से एक ही तकनीकी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना है। डिजाइन के माध्यम से तकनीकी एकीकरण, उपयोग में सुविधा और कंप्यूटिंग कार्यों को अधिक व्यवस्थित बनाने की अवधारणा सामने रखी गई है।
यह नवाचार विशेष रूप से अनुप्रयुक्त अनुसंधान और तकनीकी विकास के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की बढ़ती सक्रियता को दर्शाता है। डॉ. नीलिमा बुधानी का शोध कार्य आर्टिफिशियल न्यूरल नेटवर्क, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों से भी जुड़ा रहा है।
इस उपलब्धि पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय में अनुप्रयुक्त अनुसंधान, अंतर्विषयी नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित अकादमिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रयास केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि शोध, नवाचार और तकनीकी विकास के माध्यम से विद्यार्थियों एवं समाज के लिए उपयोगी नए समाधान विकसित करना भी संस्थान की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय पिछले कुछ समय से कंप्यूटर विज्ञान, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी शिक्षा से जुड़े क्षेत्रों में अपनी गतिविधियों को लगातार विस्तार दे रहा है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार डॉ. नीलिमा बुधानी का शैक्षणिक एवं शोध अनुभव भी कंप्यूटर विज्ञान और एआई से जुड़े क्षेत्रों में रहा है।
विश्वविद्यालय से जुड़े इस नवाचार को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शोध और तकनीकी सोच को प्रोत्साहित करने वाली उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इससे विश्वविद्यालय के शिक्षकों और शोधार्थियों को नए प्रयोग एवं अनुसंधान के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

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