धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: 7412 करोड़ के अनुपूरक बजट को मंजूरी, एकल महिलाओं और खिलाड़ियों को मिलेगी राहत

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समाचार सच, देहरादून डेस्क।
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में जनकल्याण, शिक्षा, खेल, पर्यटन और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े करीब 26 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक के सबसे अहम फैसलों में 7412 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को मंजूरी, निराश्रित महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना और राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा शामिल है। इसके अलावा दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में पांच अंकों की छूट देने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग देने के लिए आय सीमा बढ़ाने का फैसला भी लिया गया।

7412 करोड़ के अनुपूरक बजट पर लगी मुहर
कैबिनेट ने आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाने वाले 7412 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को मंजूरी दे दी है। इस बजट के जरिए सरकार विभिन्न योजनाओं और आवश्यक खर्चों के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान करेगी। बजट से जुड़े प्रस्तावों को विधानसभा के समक्ष रखा जाएगा।

एकल महिलाओं को आर्थिक संबल, दिव्यांग विद्यार्थियों को राहत
बैठक में निराश्रित और एकल महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को मंजूरी दी गई। योजना के तहत पात्र महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हुआ है।

शिक्षा के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में दिव्यांग छात्र-छात्राओं को पांच अंकों की विशेष छूट यानी ग्रेस मार्क्स देने पर सहमति बनी है। वहीं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के जरूरतमंद विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग देने के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दी गई है। इससे योजना के दायरे में अधिक विद्यार्थियों के आने की संभावना है।

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हरिद्वार में खुलेंगे दो नए निजी विश्वविद्यालय
उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए हरिद्वार में आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएमएस विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। सरकार का यह कदम प्रदेश में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसके साथ ही ऊधमसिंह नगर जिले के राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को अपग्रेड कर हाईस्कूल का दर्जा देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली है। पीएम पोषण योजना के तहत हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में केंद्रीय किचन स्थापित करने के लिए अन्नामृत फाउंडेशन को भूमि आवंटित करने की मंजूरी दी गई है।

खिलाड़ियों को मुफ्त बस यात्रा, हर जिले में होंगे मुख्य खेल प्रशिक्षक
खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए कैबिनेट ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पदक या पुरस्कार प्राप्त करने वाले उत्तराखंड के खिलाड़ियों को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा प्रदेश के प्रत्येक जिले में मुख्य खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिल सके।

साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनेगा निगम
उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने के लिए उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी गई है। इससे साहसिक पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से बढ़ावा देने और पर्यटन क्षेत्र में नए अवसर विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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प्रशासनिक व्यवस्था और कानूनों में भी बदलाव
कैबिनेट ने उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (उरेड़ा) के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) के ढांचे और निदेशालय विभागीय लेखा के मिनिस्टीरियल संवर्ग के पदों के पुनर्गठन के प्रस्तावों को भी स्वीकृति मिली।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह-ग और समूह-घ कर्मचारियों की सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई। स्टांप से संबंधित वादों के निस्तारण के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को भी हरी झंडी दी गई है। इसके अलावा पुल और सड़क निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाते हुए दोनों के लिए अलग-अलग मंजूरी के बजाय एक ही स्वीकृति से काम कराने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।

उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 में जनजातियों की सूची में दर्ज ‘जन्नासारी’ नाम को ‘जौनसारी’ करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रावधानों में लिपिकीय त्रुटियों को दूर करने के लिए संशोधन को मंजूरी मिली। उत्तराखंड विधि संशोधन विधेयक, 2026 को अधिनियमित करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने सहमति जताई।

मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019 से 2022 तक की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी दी है। बैठक में लिए गए इन फैसलों का उद्देश्य शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, खेल, पर्यटन और प्रशासनिक कामकाज को मजबूत करना बताया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई इस बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और राम सिंह कैड़ा शामिल नहीं हुए। बैठक में लिए गए फैसलों के क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

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