समाचार सच, देहरादून डेस्क। उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। कांग्रेस की न्याय यात्रा के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ यात्रा’ निकालने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने 22 अक्टूबर को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को गुमराह करने के बजाय राजनीतिक दलों को अपने कार्यों और नीतियों के आधार पर जनता के बीच जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री धामी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उसी चुनाव आयोग के तहत हुए चुनावों में जीत भी मिली है, जिस पर अब पार्टी सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत और हार के आधार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर अलग-अलग नजरिया अपनाना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की न्याय यात्रा को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि केवल यात्राएं निकालने और नारे लगाने से जनता का विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए जनता की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए काम करना जरूरी है।
धामी ने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को अपने मुद्दों और कार्यों के आधार पर जनता के सामने अपनी बात रखनी चाहिए। उनके बयान को कांग्रेस की न्याय यात्रा के जवाब में भाजपा की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
कांग्रेस की न्याय यात्रा के बीच भाजपा ने भी जनसंपर्क अभियान तेज करने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के लिए भाजपा प्रदेश में ‘लोकतंत्र बचाओ यात्रा’ निकालेगी।
इस अभियान के तहत प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में पदयात्राओं का आयोजन किया जाएगा। भाजपा इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर अपना पक्ष जनता के सामने रखेगी। पार्टी की इस पहल को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जनसंपर्क बढ़ाने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने यात्रा के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 31 अक्टूबर को श्रीनगर में पदयात्रा निकाली जाएगी, जबकि 2 नवंबर को देहरादून में इसका आयोजन होगा। इसके अलावा ऊधम सिंह नगर में भी पदयात्रा आयोजित की जाएगी। हालांकि, ऊधम सिंह नगर में कार्यक्रम की तारीख और विस्तृत रूपरेखा की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
इन पदयात्राओं के जरिए भाजपा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों तक पहुंचने और कांग्रेस के आरोपों पर अपना पक्ष रखने की कोशिश करेगी।
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा बढ़ती नजर आ रही है। कांग्रेस न्याय यात्रा के जरिए अपने मुद्दों को जनता तक पहुंचाने में जुटी है, जबकि भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ यात्रा’ का ऐलान कर जवाबी रणनीति तैयार की है।
दोनों दलों की यात्राओं और जनसंपर्क अभियानों के बीच आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन अभियानों के जरिए दोनों पार्टियां जनता के बीच अपने मुद्दों को किस तरह रखती हैं।

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