समाचार सच, देहरादून। दून पुलिस 22 दिन बाद ब्लाइंड मर्डर का खुलासा किया है। आपको बता दे कि फार्म हाउस में पूर्व खनन कर्मी की हत्या कर शव को फंदे पर लटकाने के मामला है। पुलिस के मुताबिक पूर्व खनन कर्मी संदीप उर्फ माघू की हत्या उसी के करीबी दोस्त ने की थी। हत्या के पीछे संदीप द्वारा अपने करीबी दोस्त पर करीबी नातेदार से संबंधों को लेकर गलत टिप्पणी करना मुख्य वजह रही। पुलिस ने हत्यारोपी दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। murder of maghu
मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने पत्रकारों को बताया कि 23 नवंबर को अक्षय भट्ट पुत्र खुशीराम भट्ट निवासी ग्राम जोखला ने पुलिस को जानकारी दी कि उनके अमलावा स्थित फार्म हाउस में एक व्यक्ति का शव फंदे पर लटका है। जिस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामला संदिग्ध होने पर जांच पड़ताल शुरू की। शव की शिनाख्त पूर्व खनन कर्मी संदीप उर्फ माघू के रूप में हुई। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर किया। थानाध्यक्ष वैभव गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। इस मामले में पुलिस ने पचास से अधिक स्थानीय लोगों, नशेड़ियों से पूछताछ करने के साथ ही तीस से अधिक सीडीआर देखने, पच्चीस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद आरोपी की तलाश में दबिश देनी शुरू की। अहम सुराग मिलने पर पुलिस ने पंद्रह दिसंबर को हत्याकांड के आरोपी को गिरफ्तार किया।
एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शिव सिंह राणा पुत्र लाल सिंह राणा निवासी ग्राम हरिपुर थाना कालसी जिला देहरादून ने पूछताछ में बताया कि उसकी पूर्व खनन कर्मी संदीप उर्फ माघू से गहरी दोस्ती थी, लेकिन संदीप ने उसके करीबी नातेदार से संबंधों को लेकर गलत टिप्पणी की। जिस पर उसे गुस्सा आया। इसको लेकर उसकी संदीप के साथ मारपीट हुई। मारपीट के दौरान संदीप लहूलुहान हो गया। जिस पर उसने संदीप को पंखे से फांसी के फंदे पर लटका कर मार डाला। ताकि ऐसा लगे कि संदीप ने आत्महत्या की है। वारदात के बाद फार्म हाउस के गेट पर ताला लगाकर वहां से भाग निकला। मारपीट के दौरान संदीप जब लहूलुहान हुआ तो उसके खून के धब्बे हत्यारोपी के जूतों पर लग गये। सबूत मिटाने के लिए अमलावा नदी में जाकर अपने जूतों को धुलकर खून के धब्बे मिटाकर वहीं रख दिया था, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर बरामद किया है।
सफलता प्राप्त करने वाली पुलिस टीम में इंस्पेक्टर एसओजी मुकेश त्यागी, थानाध्यक्ष कालसी वैभव गुप्ता, एसआई एसओजी दीपक धारीवाल, चौकी प्रभारी साहिया नीरज कठैत, चौकी प्रभारी डाकपत्थर अर्जुन सिंह गुसाईं, कांस्टेबल कालसी जसमेर सिंह, त्रेपनसिंह, कांस्टेबल एसओजी जितेंद्र, सोनी, नवनी, नवीन कोहल, मनोज, रविंद्र टम्टा शामिल रहे।



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