समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। एक समय ऐसा भी आएगा कि विश्वव्यापी आग से अधिकांश राष्ट्रों में नरसंहार होगा।…यह समय कब आएगा इसका संकेत देते हुए वे कहते हैं, मेष वृषभ, कर्क, सिंह, कन्या, मंगल, बृहस्पति तथा सूर्य के प्रभाव में…
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मंत्रों की दिव्य तरंगों से होता है क्या असर
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। मंत्र शब्दों का एक खास क्रम है जो उच्चारित होने पर एक खास किस्म का स्पंदन पैदा करते हैं, जो हमें हमारे द्वारा उन स्पंदनों को ग्रहण करने की विशिष्ट क्षमता के अनुरूप ही प्रभावित करते…
ज्योतिर्लिंग केदार की महिमा अपरम्पार
समाचार सच, देहरादून। केदारनाथ मन्दिर भारत के उत्तराखण्ड राज्य के रूद्रप्रयाग जिले में स्थित है। उत्तराखण्ड में हिमालय पर्वत की गोद में केदारनाथ मन्दिर बारह ज्योतिर्लिंग में सम्मिलित होने के साथ चार धाम और पंच केदार में से भी एक…
केदारनाथ धाम के कपाट खुलेगें 29 अप्रैल को
सर्वसम्मति से तिथि नहीं बदलने का निर्णय समाचार सच, देहरादून। भगवान केदारनाथ धाम के कपाट तय तिथि यानी 29 अप्रैल को सुबह 6ः10 बजे ही खुलेंगे। पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में पंचगाई समिति के प्रमुख लोगों के साथ वरिष्ठ…
पंचम भाव का कुंडली में प्रभाव
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। सामान्यतः जन्मकुंडली के पंचम भाव से हम संतान, पुत्र, विद्या, यश, प्रेम-संबंध अर्थात प्यार- मोहब्बत, पूर्व जन्म के संचित कर्म, मंत्र-सिद्धि, जुआ, शेयर व सट्टा इत्यादि देखते है। यह भाव धर्म व लक्ष्मी का भाव भी…
मौन प्रार्थना करने से मिलता लाभ
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। साधक शांत मुद्रा में, आंख बंद करके बैठ जाएं और ईश्वर के दिव्य प्रकाश का स्मरण करें। आपका अनन्त अंतरिक्ष में विशाल प्रकाश पुंज दिखाई पड़ेगा। दोनों हाथ ऊपर की ओर उठाकर, मन को नियंत्रित करके,…
विवाह के लिए शुभ मुहूर्त
हल्द्वानी समाचार, अध्यात्म डेस्क। हिन्दू धर्म में मुहूर्त एक समय मापन इकाई है। भारतीय ज्योतिष के अनुसार किसी विशेष कार्य को ग्रहों की अनुकूल प्रभाव स्थिति में किया जाना मुहूर्त है। जैसे विवाह करने का मुहूर्त जिसका चयन इस आधार…
प्रेम विवाह में ग्रहों की भूमिका
हल्द्वानी समाचार, अध्यात्म डेस्क। ज्योतिष के अनुसार कुंडली के विशिष्ट भावों ग्रहों की स्थिति प्रेम विवाह की कारक और सफलता तय करती है। स्त्री की कुंडली में मंगल रक्त कारक होने के कारण वैवाहिक विषयों में प्रमुख भूमिका निभाता है।…
भवन निर्माण में वास्तु के पांच प्रमुख सिद्धांत
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। 1. भवन में जल ईशान, पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर से प्रवेश करना चाहिए तथा भवन से जल इन्हीं दिशाओं से ही बाहर जाना चाहिए। भवन का दक्षिणी एवं पश्चिमी भाग उत्तर एवं पूर्वी भाग…


