केदारनाथ और टिहरी के नौताड़ में बादल फटने से एक होटल बहा, दो लोगों की मौत, कई लोग फंसे

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समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते कई जगहों पर बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। टिहरी के नौताड़ में बादल फटने से मलबे बहने गए दो लोगों की मौत हो गई। वहीं एक युवक गंभीर रूप से घायल है। केदारनाथ मार्ग पर गौरीकुंड में भारी बारिश के चलते गरम कुंड बह गया है। एहतियातन प्रशासन ने गौरीकुंड को खाली कर दिया है। उत्तराखंड के 7 जिलों के लिए मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था।

देहरादून में दोपहर बाद से लगातार भारी बारिश हो रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में भी भारी बारिश के चलते नदी नाले उफान पर आ गए हैं। टिहरी के भिलंगना ब्लॉक क्षेत्र के नौताड़ तोक में देर शाम भारी बारिश और बादल फटने से नुकसान हुआ है। यहां बादल फटने से एक होटल बह गया, जिसमें होटल स्वामी सहित तीन लोग लापता हो गए थे। इनमें से दो के शव बरामद हो गए हैं और युवक को घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट के ने बताया कि नौताड़ तोक में एक होटल बह गया। इसमें होटल स्वामी भानु प्रसाद (50) उनकी पत्नी नीलम देवी (45) और पुत्र विपिन लापता हो गए थे। एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू अभियान चला कर भानु और उनकी पत्नी नीलम का शव घटनास्थल से लगभग 100 किलोमीटर दूरी पर बरामद कर लिया। वहीं लापता विपिन को घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया, जिसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। बादल फटने से भारी मात्रा में आए मलबे में कई पशुओं के बहने की भी आशंका है। गनीमत रही कि इस दौरान होटल में यात्री नहीं रुके हुए थे।

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बताया जा रहा है किे वर्ष 2013 में नौताड़ में इसी जगह पर 31 जुलाई के दिन ही बादल फटा था। आज फिर से यहां पर बादल फटने और दो लोगों की मौत से लोग भी दहशत में आ गए हैं। घनसाली तिलवाड़ा मोटर मार्ग पर मुयाल गांव गदेरे पर बना एक मोटर पुल बह गया है। रात 9 बजे के लगभग गदेरा उफान पर आ गया था। इससे किलोमीटर 8 के समीप बना मोटर पुल इस गदेरे की भेंट चढ़ गया। प्रशासन की टीम बहुत मौके पर पहुंची है। उधर केदारनाथ मार्ग पर बारिश ने भारी तबाही मचाई है। देर रात केदारनाथ पैदल मार्ग पर जंगल चट्टी से भीमबली के बीच लिनचोली के पास बादल फटने से मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। वहीं तप्त कुंड और केदारनाथ पैदल मार्ग का लगभग 25 मीटर का हिस्सा भी बह गया है। एहतियात जिला प्रशासन ने गौरीकुंड और सोनप्रयाग बाजार को खाली करवा दिया है।

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इसके साथ ही नदी किनारे के क्षेत्र को भी खाली कराया जा रहा है। एसडीएम रुद्रप्रयाग अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि जंगलचट्टी से भीमबली के बीच लिनचोली में तेज बारिश से बादल फटा है। सुरक्षा को देखते हुए लगभग 200 यात्रियों को भीमबली जीएमवीएन में रोका गया है। बचाव दल को मौके पर तैनात किया गया है। पैदल मार्ग पर जगह-जगह पहाड़ी से बोल्डर गिर गए हैं, जिसकी वजह से रास्ता बाधित हो गया है। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे कई जगहों पर भूस्खलन और भूधंसाव होने से मार्ग अति संवेदनशील बना हुआ है।

यहां पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिर रहा है, जिससे आवाजाही के दौरान हर समय खतरा बना रहता है। 75 किलोमीटर लंबे हाईवे पर भटवाड़ीसैंण सेंड में पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं। यहां हाईवे पर कई जगह पर चट्टानें लटकी हुई है और दूसरी तरफ गहरी खाई के साथ मंदाकिनी नदी बह रही है। केदार घाटी में बारिश से डोलिया मंदिर के पास आए दिन भूस्खलन से यातायात भी बाधित हो रहा है।

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