ठंडा, गुनगुना या गर्म: सर्दियों में किस तरह का पानी पीने से क्या होता है?

खबर शेयर करें


समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। सर्दियों में ठंड के कारण कई लोग पानी पीना कम कर देते हैं। इसका कारण यह है कि ठंड में प्यास कम लगती है। लेकिन, यह समझना जरूरी है कि सर्दियों में भी शरीर को पानी की उतनी ही जरूरत होती है जितनी गर्मियों में होती है। पानी की कमी सेहत के लिए कई तरह से नुकसान पहुंचा सकती है।जब शरीर में पानी की कमी होती है तो सेल्स दिमाग को संकेत भेजती हैं, जिससे किडनी को खून से कम पानी निकालने का संदेश मिलता है। इसी कारण पेशाब कम, गाढ़ा और गहरे रंग का आता है। खून को फिल्टर करने के लिए किडनी को पर्याप्त तरल पदार्थों की जरूरत होती है। ऐसे में पानी की कमी शरीर में विषाक्त तत्वों को बढ़ा देती है, जिसका असर सभी अंगों की कार्यक्षमता पर पड़ता है और शरीर का इलेक्ट्रोलाइट संतुलन भी बिगड़ सकता है।

यह भी पढ़ें -   हल्द्वानी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो मोबाइल चोर गिरफ्तार, चोरी के दो कीमती मोबाइल बरामद

कमजोर इम्यूनिटी
संक्रमण का प्रमुख कारण जीवाणु या वायरस होते हैं। पर, पानी की कमी से शरीर की रोगों से लड़ने की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे गले व यूटीआई जैसे संक्रमण की चपेट में आने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में गला खराब, खांसी व बुखार के लक्षण दिखाई देते हैं।

सर्दियों में किस तरह का पानी पीने से क्या होता है?

ठंडा पानी
सर्दियों में ठंडा पानी पीने से पाचन तंत्र को नुकसान पहुंच सकता है. ठंडा पानी जठराग्नि को मंद कर देता है, जिससे भोजन का पाचन सही से नहीं हो पाता है. इससे अपच, गैस, कब्ज, एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. ठंडा पानी कफ दोष को भी बढ़ाता है. कफ दोष के कारण नाक, गला और फेफड़ों में बलगम जमा हो जाता है, जिससे सांस लेने में तकलीफ हो सकती है. ठंडे पानी से जुकाम, खांसी और गले में खराश जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.

यह भी पढ़ें -   01 फरवरी 2026 रविवार का पंचांगए जानिए राशिफल में आज का दिन आपका कैसा रहेगा

गुनगुना पानी
गुनगुना पानी पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद होता है. यह जठराग्नि को मजबूत बनाता है, जिससे भोजन का पाचन सही से हो पाता है। गुनगुना पानी कब्ज को दूर करने में भी मदद करता है। गुनगुना पानी सुबह उठकर खाली पेट पीना सबसे अच्छा होता है। इससे शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और दिनभर तरोताजा महसूस होता है।

गर्म पानी
गर्म पानी शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। लेकिन, अगर गर्म पानी बहुत ज्यादा या तेज गर्म हो तो यह कब्ज का कारण बन सकता है। इसलिए, तेज गर्म पानी कभी भी अधिक (एक कप से ज्यादा) न पिएं। ऐसा पानी उनके लिए अच्छा रहता है, जिनकी पाचन शक्ति कमजोर है और कफ दोष रहता है। इसके अलावा, जिन्हें नाक, गले व फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं हैं, मोटापे से ग्रस्त हैं या जोड़ों में दर्द रहता है, उन्हें भी गर्म पानी पीना चाहिए।

Ad Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440