आज सुबह भूकंप के तेज झटके से हिली दिल्ली-एनसीआर

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समाचार सच, दिल्ली (एजेन्सी)। दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को सुबह करीब 5.37 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता मात्र 4 दर्ज की गई, लेकिन झटके काफी तेज लगे। इस भूकंप का केंद्र धौलाकुआं के पास था, जहां पहले भी इस तरह के झटके महसूस किए जा चुके हैं।

तेज झटकों का कारण क्या?
लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि जब भूकंप की तीव्रता सिर्फ 4 थी, तो झटके इतने तेज क्यों लगे? विशेषज्ञों का कहना है कि इसका कारण भूकंप की गहराई है। जब भूकंप की गहराई कम होती है, तो झटके ज्यादा तेज महसूस होते हैं।
इसे इस तरह समझ सकते हैं कि यदि भूकंप की गहराई अधिक होती, तो झटके दूर तक महसूस किए जाते, लेकिन यदि गहराई कम होती है, तो आसपास के इलाकों में झटके ज्यादा प्रभावशाली होते हैं।

दिल्ली-एनसीआर में झटके क्यों लगे ज्यादा तेज?
इस भूकंप की गहराई मात्र 5 किलोमीटर थी, जिससे दिल्ली-एनसीआर में झटके अधिक तेज लगे। अन्य राज्यों में इसका खास असर नहीं देखा गया, कई जगहों पर लोगों को अहसास तक नहीं हुआ। राहत की बात यह रही कि भूकंप की तीव्रता कम थी, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। यदि कम गहराई के साथ तीव्रता ज्यादा होती, तो स्थिति काफी खतरनाक हो सकती थी।

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भविष्य में बड़ा भूकंप आने की संभावना?
विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है। भूवैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में इस क्षेत्र में एक बड़ा भूकंप आ सकता है। यहां की कई इमारतें ऐसी हैं, जो तेज भूकंप को सहन करने में सक्षम नहीं हैं।

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भूकंप क्यों आता है?
पृथ्वी के अंदर सात प्रमुख टेक्टोनिक प्लेट्स लगातार गतिशील रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वहां फॉल्ट लाइन बनती है। लगातार टकराव के कारण प्लेट्स में दबाव बनता है और जब यह दबाव ज्यादा बढ़ जाता है, तो प्लेट्स टूटने लगती हैं, जिससे भूकंप आता है।

सतर्कता बरतना जरूरी
भूकंप के दौरान जान-माल की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि लोग जागरूक रहें और उचित सुरक्षा उपाय अपनाएं। भविष्य में किसी भी आपदा से बचने के लिए इमारतों की मजबूती पर ध्यान देना और सुरक्षा नियमों का पालन करना आवश्यक है।

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