क्या आपके शरीर में हमेशा कहीं न कहीं दर्द रहता है? तो नेचुरल तरीके से कैसे करें दर्द दूर

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। आपने भी महसूस किया होगा कि अचानक से या बिना चोट लगे शरीर के किसी हिस्से में दर्द होने लगता है। ऐसा अक्सर बुजुर्गों के साथ होता है क्योंकि उनका शरीर उतनी जल्दी हील नहीं कर पाती है जितनी बच्चों और जवानों की करती है। क्यों होता है शरीर के अलग अलग हिस्सों में दर्द? ज्यादा देर तक काम करने से, किसी तरह की फिजिकल एक्टिविटी न करना, स्ट्रेस, 60 साल की उम्र से ज्यादा होना और बहुत ज्यादा थकान होने के कारण शरीर में दर्द हो सकता है। हालांकि कभी-कभी शरीर में होने वाला दर्द किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है।

क्यों होता है शरीर में दर्द
-जब व्यक्ति हाइपोथाइरॉइड का शिकार होता है जब भी उसके शरीर मे अक्सर दर्द के साथ सूजन रहती है। इसके लिए आप डॉक्टर से जांच करा सकते हैं।
-जब मौसम में बदलाव होता है, खासकर की बरसात के मौसम में जब नमी ज्यादा होती है तब भी शरीर के अलग अलग हिस्सों में दर्द होने लगता है। मेडिकल में इस कंडीशन को क्रोनिक फटीग सिंड्रोम कहते हैं। इस स्थिति में रात के वक्त ज्यादा दर्द रहता है।
-जब शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही तरह से नहीं होता है जब भी मसल्स पेन होता है।
-सीजनल फ्लू होने पर भी बुखार आता है और उसके साथ शरीर में दर्द होने लगता है।
-इंफ्लेमेटरी डिसऑर्डर पोलिमेल्जिया रुमेटिका रोग होने पर भी गर्दन, कंधों, कूल्हों और जांघों में दर्द होता है।

सेलिब्रिटी न्यूट्रीशियनिस्ट नमामी अग्रवाल ने बॉडी पेन यानि कि शरीर के दर्द के दूर करने के लिए 3 नेचुरल तरीके बताएं हैं। अगर आप इन्हें फॉलो करते हैं तो शरीर का दर्द काफी हद तक सही हो सकता है। लेकिन अगर आपको दर्द ज्यादा है या ये तरीके असर न करें तो आप डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। नमामी अग्रवाल कहती हैं कि शरीर में दो तरह का दर्द हो सकता है- ज्वॉइंट पेन और मसल्स पेन। न्यूट्रीशियनिस्ट ने जो 3 तरीके बताए हैं वो निम्न हैं-

-अपने खाने में पोषक तत्वों की कमी न करें। हेल्दी और बैलेंस डाइट लें। अगर आपकी डाइट में विटामिन डी की कमी बिल्कुल न होने दें।
-दिन में खूब सारा पानी पीएं। एक व्यक्ति को दिन में कम से कम 8-10 ग्लास पानी पीना चाहिए। पानी पीने से बॉडी से सभी टॉक्सिंस बाहर निकल जाते हैं। साथ ही पानी पीने से बॉडी को ल्यूब्रिकेशन मिलता है जिससे दर्द की समस्या कम होती है।
-दालचीनी, अदरक, लहसुन और हल्दी जैसे नेचुरल मसालों का सेवन करें। इनमें मौजूद एंटी-इन्फ्लामेट्री प्रॉपर्टीज दर्द को कम करती है।

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