क्या आप जानते हो..? बरसों पहले ही बंद हो गई होती लता मंगेशकर की आवाज, हत्या की रची गई थी साजिश

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समाचार सच, मुम्बई (एजेन्सी)। स्वर कोकिला और भारत रत्न लता मंगेशकर का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है। लता मंगेशकर ने अपनी जिंदगी का ज्यादातर समय सिंगिंग स्टूडियो में और गाना गाते हुए बिताया। उनके करियर से जुड़े कई किस्से मशहूर हैं तो कई आज भी लोगों को नहीं पता। ऐसे ही एक किस्से के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं जब लता मंगेशकर को स्लो पॉइजन दिया जा रहा था।

दरअसल, दुनिया भर में अपनी सुरीली आवाज की छाप छोड़ने वाली लता मंगेशकर की आवाज को बंद करने की सालों पहले ही कोशिश की गई थी। जी हां, लता मंगेशकर को बरसों पहले मारने की नाकाम साजिश रची गई थी। इसका खुलासा उस वक्त डॉक्टर्स ने किया जब एक गाना की रिकॉर्डिंग से पहले उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई थी।

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लता मंगेशकर तब महज 32-33 साल की रही होंगी जब उनकी रुमानी आवाज को हमेशा के लिए खत्म करने का प्लान बनाया गया था। ये वो समय था जब लता मंगेशकर करियर की सीढ़ियां चढना शुरू हो गई थीं। एक दिन ऐसा हुआ कि उनके पेट में तेज दर्द उठा. थोड़ी देर में उल्टियां होने लगी।

डॉक्टर का खुलासा: उनकी बिगड़ती हालत को देख फौरन डॉक्टर को बुलाया गया। जिसके बाद डॉक्टर ने बताया कि उन्हें स्लो पॉयजन दिया जा रहा है। इसका खुलासा खुद लता मंगेशकर ने अपने ही एक इंटरव्यू में किया था। बताया जाता है कि उन्हें खाने के जरिए ये स्लो पॉइजन दिया जा रहा था।

अचानक गायब हुआ कुक: ऐसे में जिस दिन लता की तबीयत खराब हुई, उनका कुक अचानक ही गायब हो गया। इतना ही नहीं उनके कुक ने अपना वेतन तक नहीं लिया और फरार हो गया। इस घटना के बाद लता की छोटी बहन ऊषा मंगेशकर ने रसोई की कमान अपने हाथ में ले ली थी।

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बिस्तर पर गुजारे तीन महीने: इस स्लो पॉइजन से लता मंगेशकर की तबीयत बेहद खराब हो गई और उन्हे रीकवर करने में करीब तीन महीनों का लंबा समय लगा था. लता मंगेशकर करीब तीन महीनों तक बिस्तर से नहीं उठ पाई थीं। पारिवारिक डॉक्टर ही उनका ख्याल रखते थे।

जहर देने वाले का नाम जानती थीं लता: दिलचस्प बात ये थी कि लता मंगेशकर उस शख्स का नाम भी जानती थीं जिसने उन्हें ये स्लो पॉइजन देकर मारने की कोशिश की थी। लेकिन सबूतो के आभाव में उन्होंने ना तो इस शख्स का नाम बताया और ना ही इसके खिलाफ कभी कोई एक्शन लिया, हालांकि अपनी सुरक्षा बढ़ाते हुए वो पहले से कई गुना सकर्क हो गई थीं। साभार- जनसत्ता

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