अनंत चतुर्दशी पर किया जाता है गणपति विसर्जन: डॉ0 आचार्य सुशांत राज

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने जानकारी देते हुये बताया की गणेश चतुर्थी के दिन बप्पा के भक्त अपने घर में उनकी प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा करते हैं। बप्पा अपने आशीर्वाद से अपने भक्तों के सभी विघ्न-बाधाओं दूर कर देते हैं। हिंदू शास्त्र के अनुसार मिट्टी के बने बप्पा की प्रतिमा का पूजा करना बेहद उत्तम माना जाता है। 10 दिनों तक गणेश भक्त सुबह-शाम प्रतिमा की विधि-विधान से पूजा करते हैं। मान्यताओं के अनुसार जिस तरह बप्पा के आने का शुभ मुहूर्त देखना जरूरी होता है, वैसे ही उनके विसर्जन का भी शुभ मुहूर्त जानना बेहद जरूरी होता है।
गणपति विसर्जन अनंत चतुर्दशी पर किया जाता है। विसर्जन के लिए बड़ा जुलूस निकाला जाता है और बप्पा अगले बरस तू जल्दी आ के जयघोष और पूरे नाच गाने के साथ गणपति को विदा किया जाता है। इस दिन गणेश जी की भव्य आरती करने की भी परंपरा है।
बप्पा के विसर्जन का शुभ मुहूर्त – बप्पा का विसर्जन के लिए चौघड़िया मुहूर्त शुभ है।
19 सितंबर 2021
सुबह – 07.39 से 12.14
दोपहर- 01.46 से 03.18 बजे तक
शाम – 06.21 से 10.46 बजे तक
रात – 01.43 से 03.11 बजे तक (20 सितंबर)
उषाकाल मुहूर्त – 04.40 से 06.08 तक (20 सितंबर)

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