डॉ भीम राव अंबेडकर जी की 130 वीं जयंती के मौके पर जाने कुछ बातें….

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समाचार सच, डेस्क- जानकारी। प्रत्येक वर्ष 14 अप्रैल को डॉ भीम राव अम्बेडकर जी को सम्मान और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए पूरे भारत में अंबेडकर जयंती मनायी जाती है। इस दिन पूरे भारत में आधिकारिक अवकाश के रुप में घोषित किया गया है। जाति व्यवस्था को समाप्त करने और भारत में सभी को एकसमान नागरिकता का अधिकार दिलाने के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया।

भीमराव अंबेडकर से जुड़ी बातें: भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर (बाबासाहेब आंबेडकर पर भाषण) ने अपने जीवन के 65 सालों में सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, शैक्षणिक, धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, औद्योगिक, संवैधानिक आदि क्षेत्रों में अनगिनत कार्य करके राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कई ऐसे काम किए, जिन्हें आज भी हिंदुस्तान याद रखता है। अंबेडकर जयंती के अवसर पर जानते हैं कि उन्होंने राष्ट्र निर्माण में क्या क्या कार्य किए।

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अंबेडकर जी की 130 वीं जयंती के मौके पर जाने कुछ बातें: अंबेडकर ने कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने भारत के राज्य को पुरातन मान्यताओं और विचारों से मुक्त करने के लिए अर्थशास्त्र में अपनी मजबूत पकड़ का इस्तेमाल किया। उन्होंने अछूतों के लिए अलग निर्वाचक मंडल बनाने की अवधारणा का विरोध किया और सभी के लिए समान अधिकारों की वकालत की।

दुनिया के लिए आंबेडकर का नजरियारू डॉ० अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू इन्दौर (म०प्र०) में हुआ था। उनके बचपन का नाम भीम सकपाल था। उनके पिता रामजी मौलाजी सैनिक स्कूल में प्रधानाध्यापक थे। उन्हें मराठी, गणित, अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान था। भीम को भी यही गुण अपने पिता से विरासत में मिले थे। उनकी माता का नाम भीमाबाई था।

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सार्वजनिक कुओं से पानी पीने व मन्दिरों में प्रवेश करने हेतु अछूतों को प्रेरित किया। इतिहास बताता है कि जहां नैतिकता और अर्थशास्त्र के बीच संघर्ष होता है, वहां जीत हमेशा अर्थशास्त्र की होती है। निहित स्वार्थों को तब तक स्वेच्छा से नहीं छोड़ा गया है, जब तक कि मजबूर करने के लिए पर्याप्त बल न लगाया गया हो। बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।

बता दें कि अम्बेडकर जयंती हमारे महान राजनीतिक नेता के अच्छे कर्मों को याद तथा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मनाया जाता हैं। वो एक इतिहासकार, शिक्षक, लेखक, संपादक मानव विज्ञानी और वक्ता थे। वो एक महान व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे, वे अपने आस-पास के लोगों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहा करते थे।

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