प्रशिक्षण हेतु संस्थान में आने वाले आगन्तुकों को दे बेहतर सुविधा : सुशील कुमार

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कुमाऊं आयुक्त ने उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज संस्थान में ली कार्यकरिणी समिति की बैठक

समाचार सच, रूद्रपुर। कुमाऊं आयुक्त सुशील कुमार ने उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज संस्थान के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे प्रशिक्षण हेतु संस्थान में आने वाले आगन्तुकों को समान रूप से बेहतर सुविधा उपलब्ध करायें। गुरूवार को रुद्रपुर में कुमाऊं आयुक्त उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज संस्थान में कार्यकरिणी समिति की बैठक ले रहे थे। इस दौरान आयुक्त के यूआईआरडी पहुंचने पर सर्वप्रथम गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

बैठक में उन्होंने अधीशासी निदेशक हरीश चन्द्र काण्डपाल को निर्देश दिये कि प्रशिक्षण हेतु संस्थान में आने वाले आगन्तुकों को समान रूप से बेहतर सुविधा उपलब्ध करायें व आवश्यकतानुसार प्रशिक्षणार्थियों को ऑनलाईन प्रशिक्षण देने की व्यवस्था सुनिश्चित करें एवं संस्थान में आने वाले प्रशिक्षाणर्थियों को आरटीपीसीआर रिर्पाेट की जांच अनिवार्य रूप से किया जाये। उन्होने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रशिक्षणार्थियों को विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। बैठक के उपरान्त मा0 आयुक्त ने संस्थान द्वारा किये जा रहे विभिन्न कार्यों का निरीक्षण कर कार्यों की सराहना की। उन्होने क्लॉस रूम, कम्प्युटर लैब, हॉस्टल, मैस, किचन, ग्राउण्ड व संस्थान द्वारा तैयार की जा रही विभिन्न प्रकार की खाद व उसकी प्रक्रिया के बारे विस्तार से जानकारी ली।

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उन्होंने कहा कि नाडेप, संजीवक एवं वर्मी खाद बनाने की प्रक्रिया किसानों को दें ताकि किसान जैविक खादों का प्रयोग अधिक से अधिक कर अपनी आय बढ़ा सके। अधिशासी निदेशक हरीश चन्द्र काण्डपाल ने आयुक्त को अवगत कराया कि संस्थान द्वारा मार्च 2021 तक 130 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते हुए 3656 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया है। उन्होने बताया कि एनआरएलएम के प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत डिस्ट्रिक थीमेटिक एक्सपर्ट, ब्लॉक मिशन प्रबन्धक, सक्रिय महिला, सीआरपी तथा सीएलएफ एवं भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों से सम्बन्धित प्रशिक्षण में जेई मनरेगा, ग्राम रोजगार सेवक, सीआरपी, बीएफटी, बुक कीपर, सक्रीय महिला, एसएसजी सदस्य, महिला मंगल दल, युवक मंगल दल, ग्राम विकास अधिकारी तथा ग्राम प्रधान आदि प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

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उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों तथा समूहों को 77 प्रशिक्षण निर्धारित करते हुए 2395 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। अधिशासी निदेशक द्वारा संस्थान के विभिन्न कार्यों की विस्तुत रूप से जानकारी दी।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक डीआरडीए हिमांशु जोशी, सहायक निदेशक यूआईआरडी डॉ0 एमपी खाली, सहायक लेखाधिकारी बीएस रावत आदि उपस्थित थे।

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