समाचार सच, हल्द्वानी। नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए हुए विवादास्पद चुनाव पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को स्टे लगा दिया। इस फैसले पर हल्द्वानी के विधायक और कांग्रेस नेता सुमित हृदयेश ने कड़ा रुख अपनाते हुए भारतीय जनता पार्टी पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। हाईकोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए उन्होंने इसे लोकतंत्र की रक्षा में मील का पत्थर बताया।
सुमित हृदयेश ने कहा कि BJP सरकार ने प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर कांग्रेस के पांच जिला पंचायत सदस्यों का कथित तौर पर अपहरण करवाया, ताकि वे मतदान प्रक्रिया में हिस्सा न ले सकें। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में सदस्यों के साथ मारपीट की गई और उन्हें जबरन मतदान स्थल से ले जाया गया। हृदयेश ने इस साहसिक फैसले के लिए हाईकोर्ट के प्रति आभार जताया और इसे निष्पक्षता का प्रतीक बताया।
हाईकोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए मतदान पर रोक लगाई और गायब सदस्यों की तलाश के लिए पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया। साथ ही, जिला प्रशासन को री-पोल की सिफारिश के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए।
सुमित हृदयेश ने अपने सभी सहयोगियों और समर्थकों का इस संघर्ष में साथ देने के लिए धन्यवाद दिया और कांग्रेस की एकजुटता की सराहना की।


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