सर्दी में हार्माेन असंतुलन बन सकता है डिप्रेशन का कारण

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ठंड के मौसम में हार्माेन असंतुलन के कारण डिप्रेशन हो सकता है। इसके लिए लोगों को न सिर्फ जीवन शैली में सुधार की जरूरत है।
समाचार सच. स्वास्थ्य डेस्क। ठंड के मौसम में हार्माेन असंतुलन के कारण डिप्रेशन हो सकता है। इसके लिए लोगों को न सिर्फ जीवन शैली में सुधार की जरूरत है। बल्कि खानपान में भी सावधानी बरतना जरूरी है। नहीं तो सर्दी आपका दिमाग भी खराब कर सकती है। इससे बचने के लिए धूप बहुत जरूरी है। डॉक्टरों के अनुसार सर्दी के दौरान विभिन्न प्रकार के हार्माेन का स्तर कम हो सकता है। इसकी वजह से कई परेशानियां हो सकती हैं। सर्दी में सीसेनल इफे क्टिव डिस आर्डर भी हो सकता है।
आमतौर पर देखा गया है कि पांच से दस फीसदी महिलाऐं और 18 से 30 साल के युवा इसके शिकार होते हैं। धूप की कमी से दिमाग में सिरोटोनिन रसायन का स्तर कम हो जाता है। इससे दिमाग में बदलाव होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में दिन छोटे होते हैं। जिससे हार्माेन में असंतुलन पैदा होता है और शरीर में विटामीन डी की कमी आती है।
इससे दिल और दिमाग पर प्रभाव पड़ता है। सर्दी के मौसम में खासकर उम्रदराज लोगों को अवसाद घेर लेता है। जिससे तनाव व हाईपरटेंशन काफी बढ़ जाता है। सर्दियों के अवसाद से पीड़ित लोग अक्सर ज्यादा चीनी, ट्रांस, फैड, सोडियम व ज्यादा कैलोरी वाला भोजन खाने लगते हैं। ऐसे में मधुमेह व हाईपरटेंशन से पीड़ित लोगों को समस्या हो सकती है।
सावधानी ही बचाव
अवसाद, हाईपोथर्मिया व ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव समेत अन्य बीमारियां रोकी जा सकती हैं। इसके लिए जीवन शैली की कुछ आदतों में थोड़ा सा बदलाव एवं सावधानी बेहद जरूरी है। गर्मियों की अपेक्षा सर्दियों में ब्लड प्रेशर की समस्या ज्यादा होती है। सर्दियों में अवसाद से बचने के लिए रोजाना लंबे समय तक धूप में बैठकर शरीर की सिकाई करें।

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