सर्दियों में ठंड से कैसे बचें, आइए जानते हैं ठण्ड से बचने के खास घरेलू उपाय

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। हमारे देश भारत में हर तरह के मौसम पाए जाते है जिनमे मुख्यतः 3 मौसम होते है सर्दी, गर्मी और बरसात यानि साल के 12 महीने में हर 4 महीने में एक सा मौसम रहता है जिनमे मुख्यत नवम्बर से फरवरी तक का मौसम सर्दियों का रहता है जिन्हें आम जनमानस में जाड़ा या ठंडी का मौसम भी कहते है इन दिनों पूरे भारत में ठंडी का असर देखने को मिलता है और भारत के कही कही कई हिस्सों में तो तापमान 0 डिग्री से भी नीचे चला जाता है जो की बर्फ ज़माने वाली ठंडी होती है।
ऐसे में इन सर्दियों के मौसम में बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है दिनभर चलने वाली सर्द हवाए, घने कोहरे, धूप का ना निकलना, मौसम धुंधला होना आदि सभी परिस्थितिया ठंडी को और भी घना हड्डी गलाने वाली बना देती है ऐसे में इस सर्दी के मौसम में जानवरों से पक्षी से लेकर इन्सान तक आदि सभी ठंडी के मौसम से प्रभावित होते है।
तो इस कंपा देने वाली ठंडी में अक्सर सभी यही सोचते है की सर्दियों में ठंड से कैसे बचे या ठण्डी से खुद को कैसे बचाए जिससे की ठंडी के मौसम में खुद को मौसम की मार से सुरक्षित रख सके जिसके लिए हम चाहे कितना भी गर्म कपड़े पहनते है फिर भी ठंडी लगती ही है तो चलिए आज हम सभी इसी सर्दियों के मौसम में खुद ठंडी से कैसे बचाए

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तो चलिए इस कड़ाके की ठंड से बचने के लिए ठंडी से बचने के उपायों के बारे में जानते है

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1 – ये तो सभी जानते है ठंडी से बचने के लिए सबसे कारगर उपाय गर्म कपड़े ही होते है इसलिए सर्दियों में हमेसा पूरे तन ढके हुए गर्म ऊनी कपड़े का उपयोग करना चाहिए, और सर्दी का असर कभी भी हो सकता है इसलिए ज्यादा से ज्यादा कपड़े यूज़ करना ही ठीक होता है और आजकल तो ठंडी से बचने के लिए बाजारों में जैकेट, स्वेटर, दस्ताने, टोपी और मोज़े भी ठंडी के हिसाब से मिलते है जिनके उपयोग से खुद को ठंडी से बचा सकते है।

2 – जब जरूरत हो तभी ठंडी के दिनों में घर से बाहर निकलना चाहिए जिससे की खुले आकाश के नीचे ठंडी का असर ज्यादा रहता है जिससे खुद को बचा सकते है।
3- सर्दियों के दिनों में जलती आग ठंडी से बचने का एक मुख्य सहारा होता है अक्सर गाँव के लोग ठंडी से बचने के लिए आग जलाते है और जगह अलाव की व्यवस्था करते है इसलिए हमे भी अपने घरो को गर्म रखने के लिए लकड़ियो को जला सकते है और अलाव की व्यवस्था कर सकते है जिससे आग की गर्मी से घरो को गर्म रख सकते है।
4- ठंडी के असर से बचने के लिए घरो के खिड़कियो, रोशनदानो, दरवाजों को बंद करके रखना चाहिए जिससे बाहर की ठंडी हवा कम से कम घरो में आ सके और इस प्रकार घरो में जब ठंडी हवा नही आएगी तो निश्चित हीहमे कम ठंड भी लगेगी।
5- सर्दियों के दिनों में ठंड से बचाव के लिए अक्सर लोग रोज नही नहाते है यदि हम ठंडी में रोज नहाते है तो सुबह जल्दी ही नहा लेना चाहिए क्योंकि अक्सर सुबह के समय निलकने वाली हैण्डपम्प से पानी गर्म रहते है और जैसे जैसे दिन चढ़ता जाता है पानी भी ठंडा होने लगता है इसलिए सुबह जल्दी ही नहाने की कोशिश करना चाहिए।
6- वैसे आजकल ठंडी से बचने के लिए लोग घरो में हीटर, गर्म करने वाली इलेक्ट्रिक मशीन का यूज़ करते है एक तरफ इन यंत्रो के आ जाने से जहा हमे सुविधा हुई है लेकिन इनके ज्यादा उपयोग से स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव देखने को मिलता है इसलिए हमे इन यंत्रो के बजाय प्राकृतिक तरीको से ही ठंडी का बचाव करना चाहिए।
7- ठंडी से बचने के लिए जब भी काम के लिए घर से बाहर निकले तो पूरे तन ढके हुए मोटे ऊनी कपड़ो का उपयोग करना चाहिए साथ में यदि बाहर गाड़ी चलाते समय सबसे ज्यादा ठंडी हाथ, कान और सिर में ही ठंडी महसूस होती है इसलिए इन सभी अंगो को गर्म कपड़ो से ढककर निकलना चाहिए।
8- सर्दियों के मौसम में ठण्डी खाने की वस्तुए जैसे दही, आईसक्रीम, ठंडे पेय प्रदार्थ आदि के सेवन से बचना चाहिए इसके बदले इन सर्दियों के मौसम के हिसाब से मिलने वाली हरी सब्जियों, फलो, चाय, काफी, सूप, गर्म पेय प्रदार्थ का उपयोग करना चाहिए जिनके खाने से हमारा स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है और खुद को ठंडी से बचा भी सकते है
9- ठंडी का असर सबसे ज्यादा बूढ़े, बच्चो और बीमार लोगो को होता है सो इन सभी को ठंडी से बचाव के लिए विशेष ध्यान रखना जरुरी होता है जहा तक हो इन्हें सर्दियों के मौसम में घर से बाहर कम ही जाने देना चाहिए और घर को गर्म रखने के लिए आग, अलाव की व्यवस्था भी जरुर रखनी चाहिए और जहा तक हो सके इन्हें ठंडी पानी, ठंडी हवा के प्रभाव से बचाना चाहिए।
10- सर्दियों में ठंडी लगने पर सबसे ज्यादा सर्दी जुकाम, खांसी और बुखार का असर होता है इसलिए अगर सर्दी में आप इनसे प्रभावित होते है तो तुरंत डॉक्टर से मिले और छोटे बच्चो को ठंडी से निमोनिया का असर देखने को मिलता है इसलिए लापरवाही किये बिना तुरंत अपने चिकित्सक को दिखाए और उनके द्वारा दिए गये परामर्श को सही तरीके से पालन करे.

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