समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। भगवत गीता के दूसरे अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने आत्मा का उल्लेख किया है। बहुत से लोग आत्मा व परमात्मा को नहीं मानते हैं, वहीं कुछ इन्हें सच मानते हैं। गौरतलब है कि अगर परमात्मा है, तो आत्मा भी ज़रूर है। बता दें कि परमात्मा न हिंदू है, न तो मुस्लिम है न सिख, न ईसाई है और न ही यहुदी है। यही नहीं, परमात्मा से सारा संसार उपजा है। जड़ चेतन, दृश्य अदृश्य जिसकी बदौलत हैं। किसी ने सही कहा है कि जिस प्रकार बादलों के छा जानें से पर्वतों की खूबसूरती नजर नहीं आ पाती, ठीक उसी प्रकार यह अज्ञानता के गुब्बारे के परे हमें हकीकत और सच्चाई कभी दिखाई नहीं देती।
आत्मा क्या है:
आत्मा जिसे हम शब्दों में लोग रूह भी बोलते हैं एक ऐसी जीवन-शक्ति है जिसके बल पर हमारा पूरा शरीर ज़िंदा रहता है। जान लें कि आत्मा एक शक्ति है, कोई व्यक्ति नहीं। इस जीवन-शक्ति के बिना हमारे प्राण छूट जाते हैं और हम मिट्टी में फिर मिल जाते हैं। ध्यान रखें कि जब शरीर से आत्मा या जीवन-शक्ति बाहर निकलती है, तो हमारा शरीर मर जाता है और वहीं लौट जाता है जहां से वह निकला था यानी मिट्टी में उसी तरह जीवन-शक्ति भी वहीं लौट जाती है जहां से वह आयी थी, यानि कि परमात्मा के पास।
वहीं, कई बार यह शक्तियां उस लोक तक नहीं पहुंच पाती, जहां उन्हें जाना होता है। ऐसे में, यह जीवित लोगों की ओर आकर्षित होकर उनके शरीर को अपना घर बनाने की फिराक में रहती हैं। कुछ ऐसी ही चीजें हैं, जिनसे बचकर हमें रहने में ही भलाई है, नहीं तो आत्माएं पीछे पड़ जाएंगी।
आत्माओं से बचने के लिए रखें नीचे बताए जा रहे बातों का ध्यान:
-जो भी स्त्री गर्भवती प्रेग्नेंट हो, उन्हें रात के समय अकेले नहीं रहने देना चाहिए।
-वहीं, जो स्थान साफ-सुथरा नहीं हो वहां नकारात्मकता अपना प्रभाव दिखाती है। बता दें कि ऐसे स्थान पर कभी कोई रह नहीं सकता।
-भूलकर भी सूर्यास्त के बाद बाल खोलकर न रखें।
-यही नहीं, जिस घर-परिवार में लोग हमेशा बीमार रहते हैं या स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं से लड़ते रहते हैं। वहां भी नेगेटिव एनर्जी अपना साम्राज्य स्थापित कर ही लेती है।
-जब कभी आप श्मशान से वापस आ रहे हो तो कभी पीछे मुड़कर न देखें।
-ध्यान दें कि घर में पूरी तरह से रोशनी और पानी का न होना भी आपके घर व व्यापार पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
सोने से पहले कई लोगों को इत्र, डियो अथवा सुंगध को किसी न किसी रूप में अपने शरीर पर लगाना बहुत अच्छा लगता है३ पुराणों की मानें तो ऐसा करना नकारात्मक शक्तियों को बुलावा देना है। इसलिए ध्यान दें कि रात के समय नकारात्मकता, सुंगधित काया की ओर विशेष रूप से आकर्षित होती हैं।
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