समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। यदि आपके दांतों में ठंडा-गरम लगता हो तो संभवतः ऐसा आपके दांतों पर लगी कोटिंग (इनेमल) के घिस जाने के कारण हो रहा है। हालांकि कुछ घरेलू उपचार की मदद से इस समस्या से राहत पाई जा सकती है।
दांतों में ठंडा-गरम
यदि आपके दांतों में ठंडा-गरम लगता हो तो संभवतः ऐसा आपके दांतों पर लगी कोटिंग (इनेमल) के घिस जाने के कारण हो रहा है। इनेमल दांतों का सुरक्षा कवच होती है जो दांतो को कठोर चीजों से सुरक्षा प्रदान करती है। जो लोग काफी जोर लगाकर टूथब्रश करते, उनके दांतों का संवेदन होना लाज़मी है। दांतों में संवेदनशीता की ये समस्या महीने भर से लेकर सालों-साल तक रह सकती है। दांतों से इनेमल की कोटिंग हट जाने पर उनमें कुछ भी ठंडा या गर्म खाने पर काफी तेज़ की टीस होती है। इसे मुंह खोल कर सांस लेते वक्त भी महसूस किया जा सकता है। दरअसल संवेदनशील दांतों के पीछे मुंह के बैक्टीरिया और प्लेग भी कफी हद तक जिम्मेदार होते हैं। तो यदि आपको भी दांतों में ठंडा या गरम महसूस होता हो तो आप बचाव के लिये निम्न घरेलू उपचार अपना सकते हैं।
खास टूथपेस्ट का प्रयोग
संवेदनशील दांतों के लिए बाजार में कई खास तरह के टूथपेस्ट मौजूद हैं। तो दातों में ठंडा-गरम लगने पर साधारण टूथपेस्ट के बजाय इनका उपयोग करें। व्हाइटनर युक्त टूथपेस्ट का उपयोग न करें, ये टूथपेस्ट दांतों पर कठोरता से काम करते हैं जिससे तकलीफ और बढ़ जाती है।
नरम टूथब्रश का इस्तेमाल
हमेशा नरम टूथब्रश का पही इस्तेमाल करें ताकी दांतों और मसूढ़ों पर ज्यादा जोर ना पड़े। साथ ही ब्रश को भी हल्के-हल्के हाथों से ही दांतों पर चलाएं।
फ्लोराइड वाले माउथवाश और टूथपेस्ट
फ्लोराइड के इस्तेमाल से दांतों की सड़न और टूथ इनेमल को नुकसान होने से बचाव होता है। तो ऐसे माउथवॉश और टूथपेस्ट इस्तेमाल करें जिसमें फ्लोराइड हो।
मुंह की ठीक तरह से सफाई
इस समस्या में मुंह की ठीक तरह से सफाई करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। तो दिन में दो बार ब्रश करें और रात को सोने से पहले तो ब्रश जरुर करें। इसके अलावा दिन में एक बार फ्लॉस भी करें।
संवेदना पहुंचाने वाले खाद्य पदार्थ न लें
वे चीजें जो बहुत ज्यादा ठंडा या गरम लगती हों, ना खाएं। इसके अलावा बहुत ज्यादा चीनी वाले आहार भी न खाएं, क्योंकि ये दांतों में बड़ी तेजी से लगते हैं। ऐसे आहारों को पहचाने और दूर रहें जो दांतों में लगते हैं।
अम्लीय खाद्य पदार्थों और पेय से बचें
फलों के रस, शीतल पेय, सिरका, रेड वाइन, चाय, आइसक्रीम और अम्लीय खट्टे फल टमाटर, सलाद ड्रेसिंग और अचार आदि में काफी अम्ल होते हैं। तो अगर आप इन्हें खाते भी हैं तो बाद में अच्छे से ब्रश कर लें। ये खाद्य दांतों की इनेमल को घिस देते हैं।
नमक और पानी से करें उपचार
हल्के गरम पानी में लगबग 2 चम्मच नमक मिला लें। और फिर इस घोल से सुबह को तथा रात को सोने जाने से पहले कुल्ला करें। यह एक आयुर्वेदिक उपचार है जो दांतों में ठंड़ा-गरम लगने की समस्या में कभी लाभदायक होता है।
सरसों का तेल और सेंधा नमक
दांतों के स्वास्थ्य के लिये सरसों का तेल और सेंधा नमक एक पुराना और असरदार घरेलू नुस्खा है। इसे प्रयोग करने के लिये 1 चम्मच सरसों के तेल में 1 छोटा चम्मच सेंधा नमक मिलाएं। फिर इस मिश्रण से दांतों और मसूढ़ों की हल्के-हल्के मसाज करें। 5 मिनट के बाद कुल्ला कर लें। जल्द ही समस्या में आराम होने लग जाएगा।


सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440


