समाचार सच, देहरादून डेस्क। इराक और अमेरिका-इज़राइल के बीच जारी युद्ध के एक महीने बाद, होर्मुज जलडमरूमध्य से खाड़ी देशों की गैस आपूर्ति को लेकर संकट गहरा गया था। हालांकि, अब स्थिति में सुधार आ रहा है। एलपीजी गैस का उत्पादन 40 प्रतिशत तक बढ़ चुका है, जबकि बुकिंग में 35 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके अलावा, कई एलपीजी टैंकर जो पहले फंसे हुए थे, अब भारतीय बंदरगाहों तक पहुँचने में सफल हो चुके हैं।
केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी के लिए राज्यों को आवंटन बढ़ा दिया है, जिससे आपूर्ति में सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संसद में भारत की स्थिति और गैस आपूर्ति को लेकर जानकारी दी। इसके अलावा, भारत के लिए नए एलपीजी टैंकर भी होर्मुज जलडमरूमध्य से पार करके भारतीय बंदरगाहों तक पहुँच रहे हैं, जिनमें कुल 92 हजार टन एलपीजी है, जो एक दिन की घरेलू गैस खपत के बराबर है।
सिलेंडर बुकिंग में भी 35 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। जहां एक समय बुकिंग 87 लाख सिलेंडरों तक पहुंच गई थी, अब यह घटकर 50-55 लाख रह गई है। इस बीच, सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है और 3500 से ज्यादा छापे मारे गए, जिसमें 1400 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने कूटनीतिक प्रयासों से भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार है और 65 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त स्टोरेज पर काम हो रहा है।
भारत अब 41 देशों से तेल-गैस की आपूर्ति पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम हो सके। एलपीजी गैस का लगभग 85-95 प्रतिशत और एलपीजी का 30 प्रतिशत होर्मुज से आता है। भारत ने पिछले दो वर्षों में रिकॉर्ड 1 अरब टन कोयला उत्पादन किया है और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
केंद्र सरकार की सख्त निगरानी और नीति सुधारों से एलपीजी आपूर्ति में सुधार हुआ है, जिससे आम जनता को भी राहत मिल रही है। रसोई गैस की समस्या अब कम हो रही है, और उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ बुकिंग में गिरावट आई है।



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