समाचार सच, हल्द्वानी। संविधान बचाओ-लोकतंत्र बचाओ के नारे के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेता प्रतिपक्ष डॉ इंदिरा हृदयेश के नेतृत्व में बुद्ध पार्क में राजस्थान में उत्पन्न संवैधानिक संकट के खिलाफ सांकेतिक विरोध जताया। साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से उत्तराखंड के राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित कर राजस्थान में सदन आहूत करने की मांग की।
ज्ञापन में नेता प्रतिपक्ष डॉ इंदिरा हृदयेश ने कहा है कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को पार्टी से हटकर संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उनका कहना है कि राजस्थान सरकार ने दो बार मंत्रिमंडल में सदन आहूत करने का निर्णय लेकर राज्यपाल से सदन आहूत करने का निवेदन किया, लेकिन राज्यपाल सदन आहूत करने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में चल रही कोरोना महामारी से निपटने के लिए अतिशीघ्र कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होना आवश्यक है। ऐसे आपातकालीन समय में राजस्थान सरकार के सदन आहूत करने के निर्णय को न मानना दुर्भाग्यपूर्ण है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों पर उंगली उठे, यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं हैं। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि राजस्थान में अनिश्चितता की स्थिति को समाप्त करने के लिए अतिशीघ्र सदन आहूत किया जाए, ताकि राजस्थान की जनता राहत की सांस ले सके। साथ ही एक स्थिर सरकार इस कठिन दौर में राज्य हित में कार्य कर सके। डॉ0 हृदयेश ने कहा कि तिकड़मबाजी से राज्य की सरकार गिराने की साजिश लोकतंत्र के लिए घातक साबित होगी।
विरोध प्रदर्शन व ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से नेता प्रतिपक्ष के साथ प्रदेश महामंत्री महेश शर्मा, पूर्व पालिकाध्यक्ष हेमंत बगड्वाल, जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल, महानगर अध्यक्ष काहुल छिम्वाल, मुकुल बल्यूटिया, महिला कांग्रेस अध्यक्ष नीमा भट्ट, मयंक भट्ट, सतनाम सिंह, संदीप भैसोड़ा, गोविन्द बगड्वाल आदि शामिल थे।

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