Chote bhav mai rahu

आइए जानते हैं कुंडली के चौथे भाव में राहु हो तो क्या फल देता है

खबर शेयर करें

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। वैदिक ज्योतिष में जन्मकुंडली के चौथे भाव को सहज भाव या पराक्रम भाव भी कहा जाता है। इस भाव से किसी भी जातक के छोटे भाई बन, नौकर चाकर, धैर्य, साहस, बल कंधे और हाथ आदि का विचार किया जाता है। जानिए राहु के चौथे भाव में होने के फल।

चतुर्थ भाव में स्थित राहु का फल
वैदिक ज्योतिष में कुंडली के चौथे घर को मातृस्थान कहा जाता है। इस भाव से जातक को प्राप्त होने वाले मातृसुख, गृह सुख, वाहन का सुख, मित्र, पेट के रोग और मानसिक स्थिति का विचार किया जाता है। आइये जानते हैं राहु के चौथे भाव में होने के फल।

-जन्मकुंडली के चौथे भाव में स्थित राहु आमतौर पर जातक को शुभ परिणाम देता है। यहां स्थित राहु जहां एक ओर जातक को साहसी बनाता है वहीं उसे राजसत्ता के माध्यम से सुख प्रदान करता है। चौथे भाव में स्थित राहु जातक को राजा का प्रिय पात्र भी बना सकता है। ऐसे जातकों को माता का पूर्ण सुख प्राप्त होता है और जातक के पास विभिन्न प्रकार के वस्त्र और आभूषण होते हैं। यहां स्थित राहु जातक को प्रशासनिक व्यक्तियों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के लाभ कराने में सहायक होता है।

यह भी पढ़ें -   आज़ दिनांक १०सितम्बर शनिवार का पंचांग, राशिफल में जानिए कैसा बीतेगा आपका पूरा दिन

-कुंडली के चतुर्थ भाव में राहु स्थित होने पर जातक सैर सपाटे का शौकीन होता है और देश विदेश में घूमने के अवसर दिलाता है। ऐसे जातकों को अपनी जन्मभूमि में रहने के अवसर सामान्यता कम ही प्राप्त होते हैं। चौथे भाव का राहु वयक्ति की उन्नति में विभिन्न प्रकार की रुकावटें उत्पन्न करता है और कठिन परिश्रम और मेहनत के बाद ही जातक को सफलता प्राप्त हो पाती है। वैदिक ज्योतिष में चतुर्थ भाव के राहु को सरकारी नौकरी और साझेदारी के कामों के लिए अच्छा परिणाम देने वाला बताया गया है।

-कुंडली के चौथे भाव का राहु कई बार जातक के दो या ज्यादा विवाह का कारण भी हो सकता है। ऐसे जातक का कई लोगों से आंतरिक लगाव भी हो सकता है। ऐसे जातकों का जीवनसाथी विपरीत स्थितियों में उसका पूरा सहयोग करता है। इस भाव में स्थिति राहु होने से जातक के पुत्रों की संभावना कम ही होती है। 36वें वर्ष से लेकर 56 वें तक जातक का भाग्य उसका पूरा साथ देता है।

यह भी पढ़ें -   अगर गर्म पानी का सेवन सही तरीके से किया जाए तो मिलेंगे ये हैरान करने वाले फायदे

-कुंडली के चतुर्थ भाव में राहु अगर अशुभ प्रभाव दे रहा हो तो यह जातक को कई प्रकार की मानसिक परेशानियां भी देता है। ऐसे जातकों के पास हर प्रकार की सुख सुविधा होने के बाद भी जातक किसी न किसी बात को लेकर अशांत बना रहता है और बेमतलब की चिंताओं में अपनी रातों की नींद खराब करता है।

Ad - Harish Pandey
Ad - Swami Nayandas
Ad - Khajaan Chandra
Ad - Deepak Balutia
Ad - Jaanki Tripathi
Ad - Asha Shukla
Ad - Parvati Kirola
Ad - Arjun-Leela Bisht

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440

Leave a Reply

Your email address will not be published.