भगवान शिव को प्यारा है सावन मास

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समाचार सच, हल्द्वानी (अध्यात्म डेस्क)। भगवान शिव का प्रिय मास श्रावण इस बार विशेष रहेगा. क्योंकि इसका शुरूआत सोमवार से प्रारम्भ होकर सोमवार को ही राखी पर्व पर सम्पन्न होगा. विशेष योगों मे की गयी शिव आराधना का फल भी विशेष ही होगा.
श्रावण मास कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा की शुरुआत पांच जुलाई ,रविवार की प्रातः बेला में 10 बजकर 15 मिनट से प्रारम्भ होकर सोमवार को प्रातःकाल 9 बजकर 25 मिनट तक रहेगी. सोमवार को प्रतिपदा उदय तिथि मे होने के कारण श्रावण मास का प्रारम्भ सोमवार से ही माना जाएगा. साथ ही इसी दिन उत्तराषाडा़ नक्षत्र व वैधृति योग है. बृहस्पति का अपनी राशि धनु में होना भी शुभता प्रदान करेगा. पांच सोमवार पड़ने के कारण श्रावण मास और भी महत्वपूर्ण है. 06 जुलाई से प्रारम्भ होकर सोमवार 03 अगस्त को श्रावणी पूर्णिमा के साथ सम्पन्न होगा. जबकि कूर्मान्चल पद्धति के अनुसार सौर मास एक गते हरेला सोलह जुलाई से प्रारम्भ होगा. इस बार 11सर्वाथसिद्धि योग, 03 अमृतसिद्धि, 12 रवि योग बन रहे हैं, इन योगों मे श्रद्धा के साथ शिव जलाभिषेक व आराधना विशेष लाभ दे सकती है।
लेकिन इस वर्ष कोरोना वायरस महामारी के कारण कांवड यात्रा को स्थगित कर दिया गया है. इस सम्बन्ध मे महामंडलेश्वर स्वामी परेशयति जी महाराज का कहना है कि अगर देवालयों में भीड़ अधिक बढ़ने लगेगी तो कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. अतः मंदिरों में जाने से पूर्व भक्तों को कोविड के नियमों का पालन करते रहना चाहिए. विशेष कर मास्क लगाना, सोशल डिस्टेटिंग का पालन, सेनेटाईजिंग कर ही मंदिरों मे जायें. अंकशास्त्र ज्योतिषी अशोक वार्ष्णेय ने शिवभक्तों से आग्रह किया कि अगर किसी कारणवश भक्तजन शिवालयों में जलाभिषेक नहीं कर पाते हैं तो अपने घर में ही मिट्टी के शिवलिंग की स्थापना कर प्रतीक रूप मे जलाभिषेक कर पूजा अर्चना का लाभ उठा सकते हैं. उन्होंने भगवान राम का उदाहरण देते हुए बताया कि राम ने भी समुद्र किनारे रेत का शिवलिंग बनाकर शिव आराधना कर शिव कृपा प्राप्त की थी. साथ ही घरों में पार्थिव पूजन करना सर्वाेत्तम रहेगा. क्योंकि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए घरों में केवल यजमान, पारिवारिक सदस्य व पंडित द्वारा सोशल डिस्टेटिंग का पालन करते हुये पूजन करना श्रेयस्कर होगा. जबकि मंदिर, मठ, तीर्थस्थलों पर कोविड नियमों का पालन करना कठिन होगा. डॉक्टर नवीनचन्द्र जोशी, डॉक्टर नवीनचन्द्र बेलवाल, डॉक्टर हरीशचन्द्र जोशी ने भी शिवभक्तों से आशा की है कि वे समय की नाजुकता को देखते हुए सभी सार्वजनिक स्थानों पर सामाजिक दूरी का पालन करते हुये भगवान शिव का पूजन यथाशक्ति करें. साथ ही गरीबों में सामर्थ्यानुसार दान करें तथा बाबा भोलेनाथ से प्रार्थना करें कि कोरोना महामारी दुनिया से शीघ्र समाप्त हो, ताकि जनता सुखपूर्वक जीवनयापन कर सके.
-अशोक वार्ष्णेय (अंकशास्त्र ज्योतिषी)

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