
समाचार सच, हल्द्वानी। पिपलेश्वर महादेव मंदिर पटेल चौक में श्री काल भैरव संन्यासाश्रम समिति की ओर से चल रही शिव महापुराण कथा में गुरुवार को कथा वाचक शंकर स्वरूप व्यास आचार्य सुशील मिश्र ने कहा की सत्कर्म करने के साथ मानव को अपने मोक्ष के तैयारी भी इसी जीवन में करनी चाहिए। दान करने से मनुष्य पूर्ण के मार्ग पर जाता है। और पाप के धन का मार्ग अस्पताल की ओर जाता है। धनदान करने से बढ़ता है। पाप से कमाया गया धन विनाश की ओर ले जाता है।
दानं भोगों नाशस्तिस्रो गतमं भवन्ति वित्तस्य ।
यो न ददाति न भुङ्क्ते तस्य तृतिया गतिर्भवति।।
दान, भोग और नाश धन की यही तीन गतियां हैं। जिसने ना दान दिया और ना धन का उपभोग किया उसके धन की तीसरी गति अर्थात् नाश ही होता है।।
इससे पूर्व प्रातः सत्र में डॉक्टर कृष्ण चंद्र जोशी के आचार्यत्व मैं महादेव गिरी संस्कृत महाविद्यालय के परमाचार्य महेश चंद जोशी ने पूजा संपन्न की। स्वामी महंत हरि गिरि महाराज ने जीवमात्र के कल्याण की मंगल कामना की।
आयोजक मंडल से मोहन सिंह बोरा, भोला शंकर जोशी, दिलीप मेहरोत्रा, दिनेश खुलवे, नवीन वर्मा, गोपाल बेलवाल, पुष्कर बिष्ट, मंदिर व्यवस्थापिका हरिप्रिया यति आदि उपस्थित रहे, कथा के अंत में महिला मंडली द्वारा सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी गई।



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