होलिका दहन का शुभ मुहूर्त क्या है, जानें होलिका दहन पर भद्रा कितने बजे से होगी शुरू

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। इस साल होलिका दहन को लेकर काफी कंफ्यूजन बना हुआ है। ऐसा इसलिए क्योंकि भद्रा की टाइमिंग इस बार प्रदोष काल कवर कर रही है। शास्त्र अनुसार, प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि होने पर और भद्रा रहित मुहूर्त में ही होलिका दहन किया जाता है। इस साल चंद्र ग्रहण का साया भी 3 मार्च को मंडरा रहा है। ऐसे में चंद्र ग्रहण और भद्रा काल के कारण होलिका दहन का मुहूर्त सीमित रहेगा। आइए पंडित जी के अनुसार जानते हैं 2 मार्च को कितने बजे से लेकर कितने बजे तक होलिका दहन किया जा सकता है, साथ ही भद्रा की टाइमिंग क्या रहेगी-

सिर्फ 20 मिनट तक होलिका दहन का मुहूर्त, जानें होलिका दहन पर भद्रा कितने बजे से होगी शुरू
ज्योतिषाचार्य पंडित गोविंद बल्लभ शर्मा के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि 2 मार्च 2026 की शाम 5 बजकर 55 मिनट से शुरू होगी। इसी समय से भद्रा काल भी आरंभ हो जाएगा, जो 3 मार्च की सुबह 5.30 ए एम तक रहेगा। भद्रा काल में होलिका दहन करना शुभ नहीं माना जाता है। पंडित जी के अनुसार, 2 मार्च 2026 को रात 12.30 से 12.50 तक होलिका दहन का शुभ मुहूर्त होगा, जिसकी अवधि 20 मिनट रहेगी।

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पुराण अनुसार कब करना चाहिए होलिका दहन?

विष्णु पुराण और भविष्य पुराण के अनुसार, प्रदोष काल में पूर्णिमा होने एवं भद्रा का साया न होने पर होलिका पूजन एवं दहन किया जाता है।

2 मार्च को पूर्णिमा कब से कब तक?
हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि 2 मार्च 2026 की शाम 5 बजकर 55 मिनट से शुरू होगी। पूर्णिमा तिथि का समापन 3 मार्च की शाम 5 बजकर 07 मिनट पर।

2 मार्च को भद्रा कब से कब तक?
भद्रा कब से शुरू होगी-
2 मार्च 2026 को शाम 05.55 पीएम से (पूर्णिमा के साथ ही शुरू)

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भद्रा कब समाप्त होगी- 3 मार्च 2026 को सुबह 05.28 ए एम पर
भद्रा का सबसे अशुभ मुहूर्त कब रहेगा?

भद्रा मुख, जिसे सबसे अशुभ मुहूर्त माना जाता है, वह 2 मार्च की मध्यरात्रि 02.35 ए एम से 3 मार्च की सुबह 04.30 ए एम तक रहने वाला है।

भद्रा के दौरान क्या होलिका दहन कर सकते हैं?
शास्त्र के अनुसार, विशेष सिचूऐशन में जब शुभ मुहूर्त न मिल पा रहा हो तब भद्रा पूंछ के दौरान होलिका दहन किया जा सकता है। आपातकालीन स्थिति में ‘भद्रा पूंछ’ (भद्रा का अंतिम चरण) के दौरान होलिका दहन किया जा सकता है।

कब है चंद्र ग्रहण 2026?
इस साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है। इस ग्रहण का प्रभाव भारत पर भी रहेगा। इसके साथ ही सूतक काल भी मान्य होगा।

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