-शहीद राहुल रैंसवाल की गमगीन माहौल में अन्त्येष्टि
-राहुल की शहादत से क्षेत्रवासी नतमस्तक, गगनभेदी नारों से गूंजा आसमान
समाचार सच, चंपावत/हल्द्वानी। सीमा पर बलिदान देने में हमेशा अग्रणी रहा उत्तराखण्ड की धरती आज किसी परिचय का मोहताज नहीं हैं। उत्तराखण्ड के चम्पावत के ग्राम कनल निवासी वीरेंन्द्र सिंह रैंसवाल के छोटे पुत्र राहुल रैंसवाल ने बीते मंगलवार को दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपोरा के ख्रीव में आतंकियों के साथ मुकाबला करते हुए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। उक्त शहादत से मातृभूमि के लिये मर मिटने वाले अमर शहीदों की श्रृंखला में न केवल अपना नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित कराया है, वरन इस क्षेत्र व पूरे प्रदेश का नाम भी गौरवान्वित किया हैं और यह जता दिया है कि वतन के खातिर भारत का सैनिक अपना सर कटा सकता है किंतु झुका नहीं सकता।
देश की रक्षा में अपनी जान गंवाने वाले राहुल रैंसवाल की शहादत से संपूर्ण क्षेत्र नतमस्तक हो गया। क्षेत्रवासियों ने अश्रुपूर्ण नेत्रों से शहीद को अंतिम विदायी दी। गुरूवार को शहीद राहुल पार्थिव शरीर गुरुवार को वायुसेना के हेलीकॉप्टर से सीमा सुरक्षा बल के चम्पावत स्थित हैलीपैड पर लाया गया। भारी हुजूम के बीच पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके निवास स्थान कनलगांव में दर्शनार्थ लाया गया। जहां पर शोकाकुल परिवार एवं पूरे शहर ने शहीद के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए। डिप्टेश्वर घाट पर शहीद के पार्थिक शरीर के पंचतत्व में विलीन होने से पूर्व सेना व पुलिस के जवानों ने अंतिम सलामी दी।

इसे पूर्व सेना के ब्रिगेडियर एसएन मंडल (सेना मेडल), मंत्री परिवहन यशपाल आर्य, विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, विधायक कैलाश गहतोड़ी, कुमाऊं मंडल विकास निगम के अध्यक्ष केदार जोशी, पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल, पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, अपर जिलाधिकारी टीएस मर्ताेलिया, उप जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, उप जिलाधिकारी टनकपुर दयानन्द सरस्वती सहित सेना के उच्चाधिकारी, सिविल अधिकारी, परिवारजनों आदि ने पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, सेना के बैड ने मातमी धुन से अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। सीमा सुरक्षा बल के हैलीपैड पर अमर शहीद राहुल रैसवाल के पार्थिक शरीर के पहुंचते ही भारी हुजूम के जब तक सूरज चांद रहेगा राहुल तेरा नाम रहेगा के नारों से गूंज उठा।
ज्ञात हो कि अमर शहीद राहुल रैसवाल मूल रूप से रियांसी बमनगांव के निवासी थे, जिनकी उम्र 26 वर्ष थी। वर्तमान में शहीद का परिवार चम्पावत मुख्यालय के कनलगांव में निवासी है। शहीद राहुल रंसवाल राष्ट्रीय राइफल जम्मू कश्मीर में कार्यरत थे जो आतंकवादियों से संघर्ष में 21 जनवरी को शहीद हुए। शहीद के पार्थिक शरीर के साथ सेना के नायब सुबेदार तारा दत्त, सिपाही राजेन्द्र भट्ट थे। अमर शहीद का पार्थिक शरीर बुधवार को जम्मूकश्मीर से शाम 4.20 बजे वायुसेना के हवाई जहाज से बरेली लाया गया तथा गुरुवार को प्रातः 8.55 बजे बरेली से वायुसेना के हवाई जहाज से चम्पावत लाया गया, पार्थिक शरीर चम्पावत प्रातः 9.30 बजे पहुंचा।


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