शहीदों को एक सा दर्जा व सुविधाएँ दी जानी चाहिए…

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समाचार सच, हल्द्वानी। सूबेदार गोपाल सिंह का जन्म अल्मोड़ा जिले के रानीखेत की खैरा तहसील के ग्राम खजुरानी में दिनांक 21 जून 1955 को हुआ। कक्षा 12 पास करते ही वे दिनांक 27 जून 1973 को कुमाऊँ रेजिमेंट में भर्ती हो गए। उन्हें 12 कुमाऊँ में तैनाती मिली। सूबेदार गोपाल सिंह एक होनहार, ईमानदार और अनुशासित सैनिक थे। दिनाँक 31 जनवरी 1999 को उत्तर-पूर्व के अशांत क्षेत्र में ऑपरेशन हिफाजत में उग्रवादियों के साथ हुई कार्यवाही में सूबेदार गोपाल सिंह शहीद हो गए।

मेजर बी एस रौतेला ने बताया कि उनकी शहादत दिवस से एक दिन पूर्व जिला सैनिक लीग ने हल्द्वानी स्तिथ उनके परिवार से संपर्क किया और उनकी कुशलक्षेम पूछी। इसपर उनके पुत्र श्री ग्रीश सिंह ने बताया कि अब तो सब की शादी हो गयी है और सब अपनी जगह हैं लेकिन पिता जी की शहादत के बाद बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहीद आश्रित कोटे से उनकी बहन ने नौकरी के लिए आवेदन भी किया लेकिन नहीं मिल पायी। उन्हें इस बात का भी दुख है कि 1999 में ही कारगिल युद्ध हुआ था और कारगिल में शहीद सैनिकों के परिवारों को पेट्रोल पंप भी आवंटित किए गए लेकिन उनके परिवार को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सभी शहीदों को एक सा दर्जा व सुविधाएं दी जानी चाहिए क्योंकि उनके पिता जी का खून भी देश की रक्षा में काम आया था।

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समाचार सच परिवार शहीद सूबेदार गोपाल सिंह की शहादत को सलाम करता है और उनको नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

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