उत्तराखंड में जनता कर्फ्यू का व्यापक असर, सड़कें सूनी और बाजार बंद

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समाचार सच, देहरादून। कोरोना वायरस से बनी संकट की स्थिति के बीच देश आज एक अनूठे महायज्ञ का साक्षी बनने को तैयार है। जनता कर्फ्यू का उत्तराखंड में अभूतपूर्व असर है। कोरोना संक्रमण रोकने की मुहिम में उत्तराखंड का जनमानस दिल से जुटा है। राजधानी से लेक दूर दराज गांव तक सन्नाटा पसरा है। लोगों ने खुद को घरों तक सीमित रखा है। बाजार स्वतरू स्फूर्त बंद। सरकारी, निजी परिवहन पूरी तरह बंद है। कोरोना को हराने में जुटे योद्धा मुस्तैदी से अपने-अपने मोर्चों पर डटे हैं। उत्तराखंड में हीरोकार्प मोटर ने 31 मार्च तक पूर्ण लॉकडाउन घोषित किया।

राज्य के सभी जिलों के मुख्य मार्गों पर पसरा सन्नाटा पसरा रहा। सुबह 6.30 पर खुलने वाली सभी दुकानें बंद रही। वहीं, प्रेमनगर मुख्य चौक पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सफर करने वालों का जमाबड़ा रहता है, लेकिन आज सुनसान पड़ा है। सुबह चार बजे से खुल जाने वाली चाय नाश्ते की दुकानें भी बंद पड़ी हैं। उधर, लच्छीवाला डोईवाला देहरादून मुख्य मार्ग पर सड़कों पर पसरा सन्नाटा इक्का-दुक्का वाहनों को छोड़कर राजधानी को जोड़ने वाला यह मुख्य मार्ग सूना नजर आया। इस मुख्य मार्ग पर ऋषिकेश हरिद्वार जगहों से राजधानी की ओर आने वाले वाहनों की आवाजाही लगी रहती है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनता कर्फ्यू के आह्वान के चलते यह मुख्य हाईवे मार्ग रविवार को वीराने के रूप में दिखाई दिया।

नैनीताल में जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है। नैनीताल की माल रोड, बड़ा बाजार, जय लाल साह बाजार, तल्लीताल व मल्लीताल बाजार पूरी तरह बंद है। शहर में पुलिस के वाहन गश्त कर रहे हैं। बेहद व्यस्ततम मल्लीताल व तल्लीताल रिक्शा स्टैंड में भी सुनसानी छाई है। सुबद साढ़े आठ बजे शहर में इक्का दुक्का लोग दिखाई दिए, जिन्हें पुलिस ने घर भेज दिया। प्रशासन के आदेश पर फड़ खोखे, झील में नौकायन, बारापत्थर में घुड़सवारी बंद हैं। बस स्टेशन में सन्नाटा पसरा है। जनता कर्फ्यू का असर हल्द्वानी में भी दिख रहा है। बेस अस्पताल से लेकर इमरजेंसी में सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं सड़कों पर भी आवाजाही बिल्कुल बंद है। इक्के दुक्के लोग ही सड़कों पर घूमते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। सबसे अधिक व्यस्त रहने वाले नैनीताल रोड पर भी लोग नजर नहीं आ रहे हैं। दुकानें बंद हैं। यहां तक कि अधिकांश किराना स्टोर भी बंद है। लोग घरों में रहकर ही सोशल मीडिया के जरिए एक-दूसरे से जनता कर्फ्यू को सफल बनाने की अपील कर रहे हैं।

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हल्द्वानी के अलावा नैनीताल, रामनगर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, ऊधमसिंहनगर, बागेश्वर, लोहाघाट, चंपावत में सड़कों व कॉलोनियों की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। यहां हल्द्वानी में प्रातः से ही सड़कों, गलियों में सूनसानी दिखाई दी। दुकानें रविवार को पूर्णतया बंद रही। आने-जाने वालों से पुलिस सवाल करती रही। घर से निकलने की कोई खास वजह बताने पर ही पुलिस आगे जाने की अनुमति दे रही थी। इसके लिए पुलिस ने जगह-जगह बेरिकेटिंग लगाए हुए थे। जरूरी कामों से जाने वाले भी संक्रमण से बचाव को मास्क का प्रयोग करते देखे गये।

हरिद्वार में भी जनता कर्फ्यू का असर देखने को मिला। इसके चलते सड़कें सूनी और बाजार बंद रहे। शहर से सटे ग्रामीण क्षेत्र जमालपुर कला आदि में जनता कर्फ्यू का असर साफ दिखा। इक्का-दुक्का दुकानों को छोड़ अधिकांश बंद रही। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। भवन निर्माण समेत अन्य कार्य भी बंद हैं। ग्रामीण क्षेत्र बहादराबाद में भी जनता कर्फ्यू को लेकर सभी ने सहयोग दिया है और सुबह से ही क्षेत्र के अधिकांश बाजार और रास्ते सन्नाटे से भरे हुए हैं। केवल जरूरी काम के ही लिए लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। लालढांग में जनता कर्फ्यू का व्यापक असर दिखा। आम दिनों में सुबह के वक्त भीड़-भाड़ वाले इलाके में पसरा रहा सन्नाटा और सभी दुकानें बंद रही। हरिद्वार के औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल सहित अधिकांश औद्योगिक क्षेत्रों में स्वतरू लॉकडाउन है। करीब 710 औद्योगिक उत्पादन इकाइयों वाले सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र की अधिकांश उत्पादन इकाइयों महिंद्रा हीरो मोटो कॉर्प और आईटीसी जैसी कंपनियों सहित अधिकांश कंपनियों में पूर्ण रूप से जनता कर्फ्यू के समर्थन में बंदी है। सिडकुल इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण सारस्वत ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया की हरिद्वार जिले में बहादराबाद लक्षण रुड़की भगवानपुर सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में कुल मिलाकर 1680 छोटी बड़ी उत्पादन इकाइयां हैं, इनमें से अधिकांश ने प्रधानमंत्री के आवाहन पर जनता कर्फ्यू के समर्थन में बंदी की हुई है। उन्होंने बताया की सिडकुल की करीब 96 फीसद कंपनियों में बंदी है। आवश्यक सेवाओं जैसे दवा, सैनिटाइजर और खानपान से संबंधित उत्पादन इकाइयां ही काम करती रही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर रविवार को आहूत जनता कर्फ्यू के दौरान कोटद्वार क्षेत्र में सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जीएमओयू ने बाहरी क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत बस सेवाएं चलाने का निर्णय लिया था, लेकिन बाहरी क्षेत्रों से भी बसे नहीं पहुंची। इस कारण जीएमओयू ने अपनी बस सेवाएं बंद रखी। तड़के करीब चार बजे दो तीन टैक्सियों का संचालन हुआ। जनता कर्फ्यू के दौरान नगर निगम के सफाई कर्मी पूरी तरह मुस्तैद नजर आए। क्षेत्र में जगह-जगह निगम कर्मी सफाई करते दिखे। दुग्ध विक्रेता भी अपनी दुकानों में नजर आए।

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नई टिहरी सहित जिले में जनता कर्फ्यू पूरी तरह लागू किया गया। सुबह सात बजे से पहले ही दूध अखबार वितरित कर दिया गया। कॉलोनी और मोहल्लों रविवार को चहल पहल रहती है, लेकिन आज जनता कर्फ्यू के चलते सन्नाटा पसरा रहा। जिले में बाजार भी पूरी तरह बंद रहे। सड़कों पर अभी वाहन भी नही चल।

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