गंगा में अवैध खनन पर मातृ सदन का आंदोलन, स्वामी दयानंद का अनशन जारी

खबर शेयर करें

समाचार सच, हरिद्वार। बैरागी कैंप के कुंभ क्षेत्र में गंगा में अवैध खनन के आरोपों पर मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बुधवार को गंगा सफाई के नाम पर चल रहे खनन कार्य के अचानक बंद होने को नैनीताल हाईकोर्ट में दायर अवमानना याचिका का परिणाम बताया। साथ ही, मातृ सदन ने इसे सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए जारी संत स्वामी दयानंद के अनशन का असर भी कहा।

स्वामी दयानंद बीते 7 दिसंबर से अनशन पर हैं। स्वामी शिवानंद ने कहा कि गंगा में खनन तब तक पूरी तरह से बंद नहीं होगा और इसके लिए लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक अनशन जारी रहेगा। उन्होंने मांग की कि खनन करवाने वाले अधिकारियों और कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने वालों को सजा दी जाए।

स्वामी शिवानंद ने बताया कि उन्होंने नैनीताल हाईकोर्ट में 102 पन्नों की अवमानना याचिका दायर की है। इसमें उत्तराखंड के औद्योगिक सचिव, हरिद्वार के जिलाधिकारी, एसडीएम, खनन अधिकारी, और कानूनी सलाहकारों को पार्टी बनाया गया है। याचिका दाखिल होने के बाद ही कुंभ क्षेत्र में खनन का कार्य अचानक बंद कर दिया गया।

यह भी पढ़ें -   जेनी प्रकरण पर हरक सिंह रावत का पलटवार, बोले- धामी की विदाई के साथ होगा इस खेल का अंत; भाजपा पर लगाया साजिश का आरोप

स्वामी शिवानंद ने हरिद्वार के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत की संसद में खनन को लेकर दी गई स्पीच पर कहा कि यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को हटाने की साजिश का हिस्सा लगती है। उन्होंने दावा किया कि त्रिवेंद्र सिंह रावत अपनी स्पीच के दौरान डरे हुए नजर आए।

यह भी पढ़ें -   आज का पंचांग एवं राशिफल : 7 नवंबर 2026, शनिवार

नैनीताल हाईकोर्ट ने कुंभ मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार के खनन पर रोक लगाई हुई है। मातृ सदन का आरोप है कि हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना करते हुए बैरागी कैंप में पोकलैंड और जेसीबी मशीनों के जरिए गंगा में खनन किया जा रहा है।

खनन के मुद्दे पर जिला प्रशासन और मातृ सदन के बीच बैठक बेनतीजा रही। हालांकि, प्रशासन ने स्वामी दयानंद के स्वास्थ्य जांच के लिए डॉक्टरों की टीम भेजी थी, लेकिन स्वामी शिवानंद ने प्रशासन पर भरोसा न होने का हवाला देते हुए जांच से इनकार कर दिया।

इस मामले में 13 दिसंबर को नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। मातृ सदन को उम्मीद है कि न्यायालय इस मामले में गंगा की अविरलता और शुद्धता को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाएगा।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440