High Court

नैनीताल जिला पंचायत चुनाव विवादः हाईकोर्ट ने कथित लापता सदस्यों को 3 दिसंबर को तलब किया

खबर शेयर करें

समाचार सच, नैनीताल। नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान हुए हंगामे और कथित जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण प्रकरण पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने नैनीताल एसएसपी को 3 दिसंबर तक जांच की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कथित रूप से लापता बताए गए जिला पंचायत सदस्यों को भी अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने को कहा गया है।

मामला 14 अगस्त 2025 के जिला पंचायत चुनाव से जुड़ा है, जिसमें पांच जिला पंचायत सदस्यों के गायब होने, एक मतपत्र में ओवरराइटिंग की शिकायत और निष्पक्ष रि-पोल की मांग को लेकर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में आज इस पूरे मामले पर सुनवाई हुई।

यह भी पढ़ें -   होली में किए गये सरल अचूक उपाय, जिससे सभी तरह का संकट हो दूर

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एसएसपी अब तक की जांच की विस्तृत रिपोर्ट 3 दिसंबर को जमा करें और स्वयं भी अदालत में उपस्थित रहें। इसके अतिरिक्त, पांचों कथित अपहृत सदस्यों को भी इस तिथि पर कोर्ट के समक्ष पेश होना अनिवार्य होगा।

बता दें कि नैनीताल जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के दौरान उनके सदस्यों का अपहरण करने के मामले में कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था। जिसमें कई जीते हुए सदस्यों ने कोर्ट की शरण भी ली थी.  बीडीसी सदस्य सदस्य पूनम बिष्ट ने हाईकोर्ट में एक अन्य याचिका दायर कर कहा है कि नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में एक मतपत्र में ओवर राइटिंग की गई।

ओवर राइटिंग के तहत क्रमांक 1 को 2 कर अमान्य घोषित कर दिया गया। याचिका में कोर्ट से जिलाध्यक्ष पद के लिए दोबारा मतदान कराए जाने की प्रार्थना की गई है। जिसका संज्ञान लेकर कोर्ट जनहित याचिका के रूप में सुनवाई कर रही है।

यह भी पढ़ें -   होलिका दहन का शुभ मुहूर्त क्या है, जानें होलिका दहन पर भद्रा कितने बजे से होगी शुरू

उल्लेखनीय है कि चुनाव के दौरान पांच सदस्यों के अचानक गायब होने पर कांग्रेस ने इन्हें अपना सदस्य बताते हुए बीजेपी पर अपहरण का आरोप लगाया था और वीडियो भी जारी किए थे। हालांकि बाद में एक वीडियो सामने आया, जिसमें संबंधित सदस्यों ने किसी भी प्रकार के अपहरण से इनकार किया और कहा कि वे अपनी इच्छा से गए थे।

पूरा मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां अदालत ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी की और चुनाव परिणाम पर अगले आदेश तक रोक लगा दी। बाद में 19 अगस्त को परिणाम घोषित किए गए, जिसमें बीजेपी की दीपा दर्मवाल जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं, जबकि उपाध्यक्ष पद कांग्रेस की देवकी बिष्ट ने जीता। चुनाव में बीजेपी को 11 और कांग्रेस को 10 वोट मिले। एक वोट रद्द हुआ और पांच सदस्य मतदान में अनुपस्थित रहे थे।

Ad AdAd Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440