समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आश्विन माह का देवी दुर्गा की पूजा का नौ दिवसीय पर्व शुरू हो गया है। मंगलवार को नवरात्रि का दूसरा दिन है और पर्व 4 अक्टूबर तक रहेगा। नवरात्रि और मंगलवार का योग होने से इस दिन देवी दुर्गा के साथ ही हनुमान जी और मंगल ग्रह की भी विशेष पूजा का शुभ योग बना है।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक नवरात्रि में देवी दुर्गा के साथ ही वार के अनुसार वारों के देवताओं और ग्रहों की भी पूजा की जाए तो भक्तों की मनोकामनाएं जल्दी पूरी हो सकती हैं।
मंगलवार को हुआ था हनुमान जी का जन्म
श्रीरामचरित मानस के मुताबिक हनुमान जी का जन्म मंगलवार को हुआ था। इस कारण हर मंगलवार हनुमान जी की भक्ति-आराधना करने की परंपरा है। देवी दुर्गा के साथ ही हनुमान जी की भी पूजा की जाती है तो माता की कृपा जल्दी मिलती है।
मंगलवार को हनुमान जी का श्रृंगार सिंदूर और चमेली के तेल से करें। हार-फूल चढ़ाएं। जनेऊ अर्पित करें। मिठाई का भोग लगाएं। धूप-दीप जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें। आप चाहें तो राम नाम का जप भी कर सकते हैं।
मंगलवार का स्वामी ग्रह है मंगल
ज्योतिष में नौ ग्रह बताए गए हैं और इन नौ ग्रहों में मंगल ग्रहों का सेनापति है। मंगल ग्रह भूमि पुत्र हैं और इनका जन्म स्थान उज्जैन में है। इस ग्रह की पूजा शिवलिंग रूप में की जाती है। मंगल देव का स्वरूप लाल है, इस वजह से शिवलिंग पर लाल फूल, लाल गुलाल, लाल कपड़ा अर्पित करें। ऊँ भौमाय नमरू मंत्र का जप करें।
ऐसे कर सकते हैं देवी दुर्गा की पूजा
देवी मां और शिव जी की पूजा एक साथ करनी चाहिए। शिवलिंग पर चढ़ाएं। दोनों देवी-देवता का हार-फूल से श्रृंगार करें। बिल्व पत्र, दूर्वा, धतूरा आदि पूजन सामग्री चढ़ाएं। मिठाई का भोग लगाएं। धूप-दीप जलाकर आरती करें।भविष्यति न संशयः।।



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