समाचार सच, हल्द्वानी। कोरोना से बचाव को लेकर उपकारागार महकमा भी सतर्क है। फैसला लिया गया है कि अब नए कैदियों जेल की सामान्य बैरक में सीधे प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अस्पताल में इनकी जांच कराई जाएगी और उसमें फिट मिलने पर ही इन्हें जेल में प्रवेश मिलेगा। इसके बाद भी 15 दिन तक कैदी को आइसोलेशन बैरक में रखा जाएगा।
इस अवधि के दौरान अगर उसमें किसी तरह की बीमारी के लक्षण नहीं मिले तो ही सामान्य बैरक में प्रवेश दिया जाएगा।कारागार महकमे के महानिरीक्षक डॉ. पीवीके प्रसाद ने सभी कारागारों को इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक नैनीताल मनोज आर्य ने बताया कि किसी भी कैदी को जेल के हास्पिटल या आइसोलेशन वार्ड में खांसी-जुकाम, बुखार, बलगम, कमजोरी, गले में खरास व बदन दर्द की शिकायत होने पर उसे तत्काल बाहरी अस्पताल में शिट किया जाएगा। ऐसी शिकायत होने पर कर्मचारियों से ड्यूटी भ नहीं ली जाएगी। पूरी तरह स्वस्थ होने पर उनसे डयूटी करायी जाएगी।



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