समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। पितृ पक्ष का आरंभ आश्विन कृष्ण प्रतिपदा से होता है। 15 दिनों तक चलने वाले पितृ पक्ष में

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। पितृ पक्ष का आरंभ आश्विन कृष्ण प्रतिपदा से होता है। 15 दिनों तक चलने वाले पितृ पक्ष में पितरों का तर्पण श्राद्ध किया जाता है और उनकी पूजा करके जल अन्न का दान दिया जाता है। कहते हैं इससे पितरों की आत्मा संतुष्ट होती है। इस साल पितृ पक्ष का आरंभ 11 सितंबर से हो रहा है जो 25 सितंबर तक रहेगा। लेकिन अगस्त मुनि का तर्पण 10 सितंबर को किया जाएगा।

पितृ पक्ष श्राद्ध को लेकर इस बार कुछ उलझन की स्थिति है, दरअसल अलग-अलग पंचांगों में डेट को लेकर अलग-अलग बातें कही गई हैं। ऐसे में पितरों का तर्पण और श्राद्ध किस तारीख में करें इसको लेकर लोग चिंता में हैं क्योंकि डेट सही नहीं हुई तो पितरों आत्मा संतुष्ट नहीं होगी और वह भूखे प्यासे रह जाएंगे। इस बात को लेकर हमने कई पंचांगों का अध्ययन किया और पाया कि अबकी बार श्राद्ध पक्ष की तिथि को लेकर किसी प्रकार से चिंता करने की जरूरत नहीं है। जानें श्राद्ध पक्ष की तारीख और तिथि समय एवं मुहूर्त के साथ।

अगस्त मुनि तर्पण 10 सितंबर
श्राद्ध पक्ष का आरंभ आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है। लेकिन भाद्र शुक्ल पूर्णिमा को प्रथम तर्पण किया जाता है जो अगस्त मुनि के नाम से होता है। पितृ पक्ष में पितरों को जल देने वाले सभी लोगों को 10 सितंबर सोमवार को तिल, फूल और फल लेकर अगस्त मुनि एवं ऋषियों का तर्पण करना चाहिए।

पितृ पक्ष प्रतिपदा तिथि तर्पण श्राद्ध 11 सितंबर
श्राद्ध पक्ष का आरंभ 11 सितंबर को होगा। इस दिन आश्विन कृष्ण पतिपदा तिथि दोपहर 2 बजे तक है। ऐसे में जिन लोगों के माता अथवा पिता का देहांत किसी भी महीने में किसी भी पक्ष में प्रतिपदा को हुआ है उनका श्राद्ध तर्पण 11 सितंबर को किया जाना शास्त्रअनुकूल होगा।

पितृ पक्ष द्वितीया तिथि तर्पण श्राद्ध 12 सितंबर
द्वितीया तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृ पक्ष द्वितीया तिथि 12 सितंबर को होगा जो इस दिन दोपहर 1 बजकर 9 मिनट तक है।

पितृ पक्ष तृतीया तिथि तर्पण श्राद्ध 13 सितंबर
तृतीया तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृ पक्ष तृतीया तिथि 13 सितंबर को होगा जो इस दिन दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक है।

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पितृ पक्ष चतुर्थी तिथि तर्पण श्राद्ध 14 सितंबर
चतुर्थी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृ पक्ष चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को होगा जो इस दिन दोपहर 12 बजकर 21 मिनट तक है।

पितृ पक्ष पंचमी तिथि तर्पण श्राद्ध 15 सितंबर
पंचमी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृ पक्ष पंचमी तिथि 15 सितंबर को होगा जो इस दिन दोपहर 12 बजकर 43 मिनट तक है।

पितृ पक्ष षष्ठी तिथि तर्पण श्राद्ध 16 सितंबर
षष्ठी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृ पक्ष षष्ठी तिथि 16 सितंबर को होगा जो इस दिन दोपहर 1 बजकर 37 मिनट तक है।

पितृ पक्ष सप्तमी तिथि तर्पण श्राद्ध 17 सितंबर
सप्तमी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृ पक्ष सप्तमी तिथि 17 सितंबर को होगा जो इस दिन दोपहर 2 बजकर 56 मिनट तक है।

पितृ पक्ष अष्टमी तिथि तर्पण श्राद्ध 18 सितंबर
अष्टमी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृ पक्ष अष्टमी तिथि 18 सितंबर को होगा जो इस दिन शाम 4 बजकर 39 मिनट तक है।

पितृ पक्ष नवमी तिथि तर्पण श्राद्ध 19 सितंबर
नवमी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृ पक्ष नवमी तिथि 19 सितंबर को होगा जो इस दिन शाम 6 बजकर 37 मिनट तक है। पितृ पक्ष की नवमी तिथि को मातृ नवमी तिथि कहते हैं। इस दिन जो महिलाएं सुहागन ही इस दुनिया से विदा हुई हैं उनका तर्पण श्राद्ध किया जाता है।

पितृ पक्ष दशमी तिथि तर्पण श्राद्ध 20 सितंबर
दशमी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृ पक्ष दशमी तिथि 20 सितंबर को होगा जो इस रात 8 बजकर 42 मिनट तक है।

पितृ पक्ष एकादशी तिथि तर्पण श्राद्ध 21 सितंबर
एकादशी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृ पक्ष एकादशी तिथि 21 सितंबर को होगा जो इस रात 10 बजकर 43 मिनट तक है।

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पितृ पक्ष द्वादशी तिथि तर्पण श्राद्ध 22 सितंबर
द्वादशी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृ पक्ष द्वादशी तिथि 22 सितंबर को होगा जो इस रात 12 बजकर 29 मिनट तक है। इसी दिन साधु संन्यासियों हो चुके लोगों को भी तर्पण श्राद्ध किया जाएगा।

पक्ष त्रयोदशी तिथि तर्पण श्राद्ध 23 सितंबर
त्रयोदशी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृ पक्ष त्रयोदशी तिथि 23 सितंबर को होगा जो इस रात 1 बजकर 56 मिनट तक है।

पितृ पक्ष चतुर्दशी तिथि तर्पण श्राद्ध 24 सितंबर
चतुर्दशी तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृ पक्ष चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर को होगा जो इस रात 2 बजकर 54 मिनट तक है। पितृ पक्ष की चतुर्दशी तिथि को लेकर ऐसी मान्यता है कि जिनकी किसी कारण से अकाल मृत्यु हई है उनका श्राद्ध तर्पण इस दिन करना चाहिए। इस दिन को लेकर ऐसी भी मान्यता है कि जिनकी समान्य मृत्यु मृत्यु चतुर्दशी तिथि में हुई है उनका श्राद्ध तर्पण चतुर्दशी को नहीं करके अमावस्या के दिन ही करना चाहिए।

पितृ पक्ष महालया तिथि तर्पण श्राद्ध 25 सितंबर
अमावस्या तिथि को जिनके माता पिता स्वर्गवासी हुए हैं उनका श्राद्ध तर्पण मृत्यु तिथि अनुसार पितृ पक्ष अमावस्या तिथि 25 सितंबर को होगा जो इस रात 3 बजकर 23 मिनट तक है। अमावस्या के दिन ही महालया महालया लगता है जिस दिन सर्वपितृ श्राद्ध होता है। इस दिन सभी वापस अपने लोक को लौट जाते हैं। इसलिए श्राद्ध तिथि पर जिनका किसी कारण से श्राद्ध तर्पण नहीं हो पाता है उनके नाम से जल और ब्राह्मण भोजन भी इसी दिन करवाने का नियम है।

नोट – श्राद्ध तिथि और समय का विवरण विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार है। पितृ पक्ष श्राद्ध तिथियों को लेकर पंचांग दिवाकर में जो बताया गया है आप इसे देख सकते हैं।

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