कोरोना से महामंडलेश्वर की मौत के बाद निरंजनी अखाड़ा कुंभ से बाहर

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समाचार सच, देहरादून (फरहत रऊफ)। भारत में कोरोनावायरस की दूसरी लहर में हर दिन संक्रमितों का नया रिकॉर्ड बन रहा है। इन स्थितियों के बीच कई लोग अलग-अलग राज्यों में जारी चुनावी रैलियों और हरिद्वार में चल रहे कुंभ मेले पर सवाल उठा रहे हैं। दरअसल, कुंभ मेले से तो पिछले तीन दिनों में 1300 से ज्यादा केस मिले हैं। इनमें 30 साधु भी संक्रमित पाए गए हैं, जबकि एक अखाड़े के महामंडलेश्वर की जान भी जा चुकी है। अब हरिद्वार कुंभ में शामिल संतों के 13 अखाड़ों में से एक निरंजनी अखाड़े ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों और राज्य में खराब होती स्थिति के मद्देनजर आयोजन से हटने का फैसला किया है।

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निरंजनी अखाड़ा के सचिव रवींद्र पुरी ने बताया, “मुख्य शाही स्नान 14 अप्रैल को मेष संक्राति के साथ संपन्न हो गया। हमारे अखाड़ा में कई लोगों में कोविड-19 के लक्षण सामने आ रहे हैं। ऐसे में हमारे लिए कुंभ मेला संपन्न हो गया।” सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हरिद्वार में अब तक 30 साधु कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इनमें निर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर कपिल देव का बुधवार को कोरोना संक्रमण से निधन हो गया था। वह मध्यप्रदेश के चित्रकूट से कुंभ में शामिल होने के लिए हरिद्वार गए थे। पॉजिटिव होने के बाद से उनका देहरादून के कैलाश हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
गौरतलब है कि कोविड-19 की वजह से हरिद्वार कुंभ की अवधि घटाकर मात्र एक महीने रखी गई थी जबकि सामान्य परिस्थितियों में हर 12 साल में लगने वाले वाला कुंभ मेला मध्य जनवरी से अप्रैल तक चलता है। कोरोना के चलते इस साल कुंभ का मेला जनवरी की बजाय 1 अप्रैल से शुरू किया गया था। केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक स्थिति को देखते हुए इसका समय कम किया जा सकता है।

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