अक्षय तृतीया पर यमुनोत्री, गंगोत्री और तुंगनाथ जी के भी खुले कपाट, धाम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद

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देहरादून/रुद्रप्रयाग/उत्तरकाशी। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर आज मां यमुना के धाम यमुनोत्री के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाट खुलने के अवसर पर धाम में हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। आज मां यमुना जी की उत्सव डोली सुबह अपने शीतकालीन प्रवास खरसाली (खुशीमठ) से अपने भाई शनिदेव की अगुवाई में कालिंदी पर्वत की तलहटी में स्थित यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुई। जहां शुभ मुहूर्त पर डोली के पहुंचने पर श्रद्धालुओं और तीर्थ पुरोहितों ने मां यमुना की डोली का भव्य स्वागत किया। मंदिर के कपाट खुलने से पहले श्रद्धालुओं और तीर्थ पुरोहितों ने मंदिर परिसर में बैठकर कीर्तन-भजन भी किया।

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अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त पर वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ तीर्थ पुरोहितों ने 10रू29 पर धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए। इस दौरान एडीजी सीबीसीआईडी/डायरेक्टर विजिलेंस डॉ वी मुरुगेशन, एसडीएम बड़कोट मुकेश रमोला, सीओ बड़कोट सुरेंद्र सिंह भंडारी, एसओ बड़कोट संतोष सिंह कुमार के साथ ही मंदिर समिति के पदाधिकारी, पुजारी और हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।

मां गंगा के धाम गंगोत्री के कपाट आज दोपहर के समय श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। आज सुबह 6.30 बजे मां गंगा की डोली भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर से गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई। 9.30 बजे डोली यात्रा गंगोत्री धाम पहुंची जहां तीर्थ पुरोहितों ने परंपरा अनुसार धार्मिक रीति रिवाज और वैदिक मंत्रोंच्चारण के साथ दोपहर 12.25 पर शुभ मुहूर्त में मां गंगा के मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए। इस मौके पर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर एपी अंशुमन, डीएम उत्तरकाशी डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट, एसपी उत्तरकाशी अर्पण यदुवंशी, सीओ उत्तरकाशी प्रशांत कुमार सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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मंदिर में द्वार पूजा के बाद विधि विधान के साथ दोपहर 12.00 बजे तुंगनाथ मंदिर के कपाट खोले गए। कपाट खोलने के बाद श्री तुंगनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप से जगा कर श्रृंगार रूप दिया गया। उसके बाद श्रद्धालुओं को तुंगनाथ जी के दर्शन कराए गए।

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