सोमवार को देशभर में डाक्टर रहेंगे हड़ताल पर, सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी चालू

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-इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने सोमवार सुबह 6 बजे से डॉक्टरों की देशव्यापी हड़ताल बुलाई है

समाचार सच, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की पिटाई की घटना से अब तक गुस्सा बरकरार है। इंडियन मेडिकल असोसिएशन (आईएमए) ने देशभर में सोमवार को 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया है। इससे सभी गैर-जरूरी सुविधाएं बंद रहेंगी और अस्पतालों के ओपीडी सुबह 6 बजे से बंद रहेंगे। इसके अलावा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन दिल्ली स्थित आईएमए हेडक्वॉटर्स में धरना आयोजित करेगा। धरना-प्रदर्शन सोमवार सुबह 10 बजे से शुरू होगा।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने सोमवार सुबह 6 बजे से डॉक्टरों की देशव्यापी हड़ताल बुलाई है। इस हड़ताल का देश के हर राज्य में असर पड़ेगा। देश भर के सभी अस्पतालों में 24 घंटे के लिए इमर्जेंसी की सेवा छोड़ सभी सेवाओं को बंद रखा जाएगा। सुबह 10 से 2 बजे तक सभी डॉक्टर्स आईएमए ऑफ़िस पर धरना प्रदर्शन करेंगे।. इस हड़ताल में आईएमए, डीएमए, आरडीए के डाक्टर्स शामिल होंगे।
ज्ञात हो कि आईएमए ने ये हड़ताल बंगाल में डॉक्टरों के समर्थन में बुलाई है। दरअसल, 10 जून को कोलकाता के नील रतन सरकार मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक 75 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी. इसी से गुस्साए मृतक के परिजनों ने डॉक्टर्स के साथ बदसलूकी कर दी।

आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजन शर्मा ने बताया कि पहली बार कॉरपोरेट अस्पताल भी हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। शर्मा ने कहा एम्स और सफदरजंग के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन को भी हड़ताल में शामिल होने की अपील की गई है। हालांकि उनका रुख अभी तक साफ नहीं हुआ है। हाई फीवर हो, चोट लग गई हो, छाती में दर्द हो, हार्ट अटैक आ जाए तो मरीज इमरजेंसी में जाकर इलाज करवाएं। रूटीन ओपीडी बंद रहेगी और रूटीन ऑपरेशन नहीं होगा।

आईएमए के मानद सहायक सचिव डॉ एस के पोद्दार ने दावा किया कि गाइनी की ऑल इंडिया एसोसिएशन फॉक्सी ने लिखित में शामिल होने की बात कही है। रेडियोलॉजिस्ट की एसोसिएशन, जो आईएमए के मेंबर नहीं है उनका भी समर्थन है। आईएमए के सदस्यों की संख्या करीब साढ़े तीन लाख है जबकि प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों की संख्या 10 लाख के करीब. वहीं हर मेंबर एक अलग एसोसिएशन को रिप्रेजेंट करता है। ऐसे में हड़ताल बड़ी होने की आशंका है।

पिछले सोमवार को पश्चिम बंगाल के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में एक मरीज की मौत के बाद उसके तिमारदारों ने दो जूनियर डॉक्टरों की पिटाई कर दी थी, जिसके बाद डॉक्टर्स हड़ताल पर बैठ गए. देश के कई अन्य हिस्सों से भी डॉक्टरों को अन्य डॉक्टर्स का साथ मिला। शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फिर सरकारी अस्पतालों के जूनियर डॉक्टरों से हड़ताल खत्म करने की अपील की और आश्वासन दिया कि सरकार उनके खिलाफ एस्मा (आवश्यक सेवा प्रतिरक्षण अधिनियम) लागू नहीं करेगी।

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