समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिंदू धर्म में आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पापांकुशा एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। इस साल पापांकुशा एकादशी 22 अक्तूबर 2026 को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस व्रत को करने से मात्र से व्यक्ति को जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिल जाती है। यह व्रत जीवन में सुख-समृद्धि और शांति प्रदान करता है। शास्त्रों में वर्णित है कि यह एकादशी सब पापों को हरने वाली, स्वर्ग और मोक्ष प्रदान करने वाली, शरीर को निरोगी बनाने वाली, धन और शांति देने वाली है। कहा जाता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति के अकाल मृत्यु का भय खत्म हो जाता है। पापांकुशा एकादशी के दिन भक्त भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए व्रत रखने के साथ ही कई उपाय भी करते हैं। शास्त्रों में लिखा है कि इस दिन पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाना अत्यंत शुभ फलदायी होता है। जानें पापांकुशा एकादशी पर पीपल के नीचे घी का दीपक जलाने का क्या महत्व है।
एकादशी पर पीपल के नीचे क्यों जलाएं घी का दीपक
विष्णु पुराण में लिखा है कि एकादशी के दिन दीपदान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। दीपदान से भगवान विष्णु की कृपा होती है और मनुष्य को जीवन में अच्छे परिणाम मिलते हैं। कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर ने पापांकुशा एकादशी पर दीपदान का महत्व बताया है। उनके अनुसार, इस दिन शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे हर व्यक्ति को घी का दीपक जलाना चाहिए और दीपक की चार बार परिक्रमा करनी चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति को कर्ज से मुक्ति मिलती है और धन आने के नए रास्ते खुलते हैं। परिवार से जुड़ी दिक्कतें, नौकरी या व्यापार से जुड़ी परेशानी खत्म होती है। पीपल के वृक्ष को भगवान विष्णु का विग्रह माना जाता है। भगवान विष्णु शनिवार के दिन मां लक्ष्मी के साथ यहां निवास भी करते हैं।
पीपल के पेड़ पर भगवान विष्णु का वास
हिंदू धर्म की पौराणिक कथाओं के अनुसार, पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, पीपल के मूल यानी जड़ में भगवान विष्णु, तने में केशव, शाखाओं में नारायण, पत्तों में भगवान हरि और फलों में भगवान अच्युत वास करते हैं।
पापांकुशा एकादशी पर क्या दान करना चाहिए
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पापांकुशा एकादशी के दिन जो मनुष्य सुवर्ण, तिल, भूमि, गौ, अन्न, जल, जूते और छाते का दान करता है, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। इस चीजों के दान करने से भगवान विष्णु की कृपा से दरिद्रता दूर होती है।

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