निर्धारित क्रम में करें परिक्रमा पूर्ण फल की प्राप्ति के लिए

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समाचार सच, हल्द्वानी। अध्यात्म के प्रति लोगों के बढ़ती रूचि ने उन्हें पूजा-पाठ करने, मंदिर जाने की ओर उन्मुख किया है। वैसे भी किसी भी धार्मिक त्यौहार के शुभ अवसर पर मंदिरों, मस्जिदों, गुरूद्वारों आदि में भीड़ बढ़ जाती है। बात अगर हिन्दू धर्म की हो तो हमेशा से ही लोग मंदिरों में जाकर पूजा पाठत तथा देवी देवताओं की मूर्ति तथा मंदिरों की परिक्रमा करते रहे हैं, लेकिन हर देवी – देवता का परिक्रमा करने का अपना अलग तरीका या क्रम होता है। ध्यान रखें मंदिर में परिक्रमा को निर्धारित क्रम से ही करना चाहिए।

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  1. विष्णु जी का मंदिर हो तो उसकी चार बात परिक्रमा करें और इस दौरान विष्णु मंत्र का ध्यान व उच्चारण करते जाएं। यह किसी संकल्प को पुष्ट करता है।
  2. शिव जी के मंदिर की आधी परिक्रमा करें और लौट जाएं। इस दौरान शिव पंचाक्षर मंत्र का जाप करें। इससे मन में आने वाले बुरे ख्यालों, बुरे सपनों पर रोक लगती है।
  3. देवी के मंदिर की परिक्रमा करनी हो तो एक परिक्रमा ही करें और नवार्ण मंत्र का ध्यान करें। इससे अपने लक्ष्य और संकल्प को निश्चित ही बल मिलता है।
  4. यदि सूर्य के मंदिर की परिक्रमा करनी हो तो सात परिक्रमा पूरी करें और सूर्य मंत्र का ध्यान करें। इससे मन में आ रहे कलुषित विचारों पर अंकुश लगता है और सकारात्मक विचार भर जाते हैं।
  5. अपनी कामनाओं की सिद्धि के लिए गणेश मंदिर की परिक्रमा करें। गणेश जी की तीन परिक्रमा जरूरी है। इसमें गणेश जी के स्वरूप व मंत्र का ध्यान करें। कोई भी कार्य सिद्ध करना हो तो पहले कर आएं, तत्काल और कम प्रयास से ही सफलता मिलेगी।

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