राधाष्टमी का व्रत 14 सितम्बर को

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(डॉ. नवीन चन्द्र जोशी, प्राचार्य, श्रीमहादेव गिरि संस्कृत महाविद्यालय देवलचौड, हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखंड)

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। 14 सितम्बर मंगलवार को राधा अष्टमी का व्रत किया जायेगा। शास्त्रों के अनुसार आदि शक्ति का द्वापरयुग में राधारानी के रुप में अवतरण हुआ था ।बरसाना में महाराज वृषभानु की पुत्री के रुप में आदि शक्ति भगवती ने अवतार लिया था । श्री राधा रानी भगवान श्री कृष्ण जी की प्रियतमा है वह उनकी परमाशक्ति हैं । राधाष्टमी को ही नन्दाष्टमी कहा जाता है ।

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देवी भागवत के अनुसार
नन्दा भगवती नाम या भविष्यति नन्दजा ।
स्तुता सा पूजिता भक्त्या वशीकुर्याज्जगत्त्रयम्।। नन्दा भगवती देवी नन्दवंश में अवतरित होकर भक्तों की कामनाओं को पूर्ण करती हैं ।
नन्दा देवी भगवती का दयामय स्वरुप है ।

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कुमाऊं मण्डल में मां के नन्दा सुनंदा रुप की पूजा की जाती है उनकी मूर्तियां कदली यानि केले के पेड़ से निर्मित की जाती है। श्रीमददेवीभागवत में मां नन्दा देवी को भगवती गिरिजा देवी का रुप माना जाता है जो परमकरुणामय दयामय हैं जो सभी का कल्याण करने वाली हैं।

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