शहर में ‘पुण्य’ बाँट रहा है रोटी कपड़ा पहचान फाउडेंशन

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-मानसिक रोगियों के लिये संजीवनी बनी हल्द्वानी रोटी बैंक

समाचार सच, हल्द्वानी। शहर में पुण्य का काम रकने वालों की संख्या भले ही बढ़ती जा रही हो, लेकिन रोटी कपड़ा पहचान फाउडेंशन हल्द्वानी (रोटी बैंक) समाजसेवा की नयी परिभाषायें गढ़ रहा है। रोटी बैंक हल्द्वानी शहर में मानसिक रूप से भटक रहे रोगियों के लिये आशा की किरण बनकर उभरा है। संस्था शहर में भटक रहे मानसिक रोगियों की चिन्हित कर, उन्हें नहलाने, दाढ़ी-बाल बनाने और साफ कपड़े उपलब्ध कराती है और उन्हें रात्रि में भोजन भी उपलब्ध करवाती है। उन्होंने अब तक अनेक मानसिक रोगियों की सहायता की है।

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500 दिन पूरे होने पर संस्था ने मानसिक रोगियों को बनाया स्वच्छ

गौरतलब है कि 28 फरवरी को संस्था ने अपनी स्थापना के 500 दिन पूरे किये। इस अवसर पर रोटी कपड़ा पहचान फाउडेंशन (रोटी बैंक) के सदस्यों ने कालू सिद्ध बाबा मन्दिर, आंवला चौकी, रेल फाटक से लगी बस्ती तथा तिकोनिया चौराहा के आस-पास मानसिक रोगियों को नहलाया-धुलाया और उसे स्वच्छ वस्त्र धारण कराये।

इस अवसर पर मुख्य रूप से संस्था के तरूण सक्सेना, संजय आर्य, कमल जोशी, रोहित यादव, नितिन, योगिता, निया ठाकुर, प्रतिभा बिष्ट, चम्पा त्रिपाठी, निखिल आर्य, नितिन बिष्ट, विशाल यादव, मोहित तूलेरा, नीरज तिवारी, अजय राणा, दीपक राणा, सचिन आर्य, कंचन राणा, नमिता बिष्ट, प्रेम मौर्य, रवि यादव सहित आदि सदस्य मौजूद थे।

इधर संस्था ने आहवान किया है कि जो व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों की सहायता करना चाहता है तो वह संस्था से वॉलटियर के रूप में जुड़ सकता है।

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