santosh kabdwal

संतोष कबड्वाल ने छोड़ी आम आदमी पार्टी, पार्टी प्रदेश प्रभारी पर लगाया टिकट बेचने का आरोप

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समाचार सच, कालाढूंगी/हल्द्वानी। आम आदमी पार्टी से विधानसभा कालाढूंगी सीट से टिकट की मांग करने वाले संतोष कबड्वाल ने पार्टी को अलविदा कह दिया है। सोमवार को सोशल मीडिया (अपने फेस बुक पर) लिखे एक पत्र के जरिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही पत्र में उन्होंने पार्टी के प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया के ऊपर आरोप लगाया है कि उनके द्वारा लगभग प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशियों को टिकट बेचे गये हैं। आपकों बता दें कि कालाढूंगी सीट से टिकट ना मिलने पर संतोष कबड्वाल पार्टी से नाराज चल रहे थे।

लिखे पत्र में उनके द्वारा कहा गया है कि मैं आम आदमी पार्टी को अन्य राजनीतिक दलों से बेहतर समझकर दल का सदस्य और पदाधिकारी बना था लेकिन दिनेश मोहनिया के नेतृत्व में दिल्ली, मेरठ, हरियाणा और बिहार आदि से उत्तराखंड आई टीम के इरादे हमारी आध्यात्मिक देवभूमि की संस्कृति से इत्तेफाक नहीं रखते हैं और साथ ही साथ उत्तराखंड के भविष्य के लिए यह बेहद घातक और भयावह भी है।

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संतोष द्वारा लिखे पत्र में यह भी आरोप है कि इन लोगों की नजर उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधनों पर भी है प्रदेश के बाहरी इलाकों से आए इनके गिरोह के सदस्यों में से कोई यहां खनन के पट्टे कराना चाहता है तो कोई पहाड़ में जमीन खरीदकर कॉटेज बनाकर बाहरी लोगों को बेचने के सपने देख रहा है। उनका यह भी कहना है कि दिनेश मोहनिया और उसकी टीम यहां चुनाव को गंभीरता से ना लेकर सिर्फ टिकट बेचने और धन वसूली के कार्य में लगी है।

सोशल मीडिया में लिखे पत्र में उन्होंने प्रदेश की जनता से क्षमा मांगते हुए कहा है कि दिनेश मोहनिया और उसकी टीम के उत्तराखंड की धरती पर पांव जमाने में अनजाने में मेरे द्वारा भी मदद की गई है इस पाप के लिए वह स्वयं को भी जिम्मेदार मानते हुए प्रदेश की जनता से अनजाने मे की गई अपनी गलती के लिए भी क्षमा याचना करता हूं।

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लिखे पत्र में आगे कहा गया है कि मैं प्रदेश की देवतुल्य जनता से अपील करता हूं कि जो गलती मेरे जैसे कई कार्यकर्ता कर चुके हैं कृपया आप उसे ना दोहराएं, आम आदमी पार्टी को दिया गया एक-एक वोट इस प्रदेश की अस्मिता और स्वाभिमान के लिए बहुत बड़ा खतरा होगा।

लिखे पत्र के अंत में कहा गया है कि इस सच्चाई को जानते हुए भी मैं अपने पद में बना रहूं ये मेरी अंतरात्मा को स्वीकार्य नहीं है अतः मैं अपने पद एवम् आम आदमी पार्टी के नाम से चल रहे इस गिरोह की सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं।

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