5 जून को साल का दूसरा चन्द्र ग्रहण

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। इस वर्ष का दूसरा चन्द्र ग्रहण शुक्रवार 5 जून ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि को रात्रि 11.15 मिनट से प्रारम्भ होकर 6 जून शनिवार रात्रि 2.34 मिनट में समाप्त होगा। हालांकि यह चन्द्र ग्रहण उपछाया चन्द्र ग्रहण है इसका हमारे देश पर कोई प्रभाव नजर नहीं आयेगा न ही इस ग्रहण के सूतक लगेंगे।
नही होगा सूतक का असर
बाकी ग्रहण की तरह इस ग्रहण में सूतक नहीं लगेगा क्योंकि चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पूरी तरह से नहीं पड़ेगी। आमतौर पर देखा जाता है कि चंद्र या सूर्य ग्रहण होने के बारह घंटे पहले सूतक काल लगता है। सूतक काल में शुभ काम करना मना होता लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। ग्रहण काल को छोड़कर आप अपने बाकी के काम रोज की तरह ही कर सकते हैं। लेकिन ग्रहण काल में कुछ बातें ध्यान रखना जरूरी होगा। ज्योतिषियों का कहना है कि भारत में इस ग्रहण का असर न के बराबर होगा। इस ग्रहण पर सूतक नहीं लगेंगे और मंदिरों के कपाट भी बंद नहीं होंगो।

धार्मिक जानकारों के अनुसार इस ग्रहण को ग्रहण की कोटि में नही रखा जाता है
एशिया, यूरोप, आस्ट्रेलिया और अफ्रीका के लोग इस ग्रहण को देख सकते हैं। हालांकि, उपछाया चंद्र ग्रहण होने के कारण लोगों के बीच सामान्य चांद और ग्रहण वाले चांद के बीच अंतर करना मुश्किल होगा। इस ग्रहण को पूरे भारत में देखा जा सकेगा लेकिन इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा कहीं से कटेगा नहीं यानी चंद्रमा के आकार में कोई परिवर्तन नहीं आएगा। यह अपने पूर्ण आकार में आसमान में चलते नजर आएंगे। इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा की छवि मलिन हो जाएगी। यानी चांद कुछ मटमैला सा दिखेगा। इसकी वजह यह है कि यह वास्तविक चंद्रग्रहण नहीं है यह एक उपछाया चंद्रग्रहण है। इससे पहले 10 जनवरी को ऐसा ही चंद्रग्रहण लगा था।
साल 2020 का पहला चंद्रग्रहण आज पौष पूर्णिमा (10 जनवरी 2020 शुक्रवार) की रात को पड़ा। चूंकि ज्योतिष के जानकार इस ग्रहण को उप-छाया ग्रहण मान रहे हैं यानी सिर्फ नाम का ग्रहण होगा। इस ग्रहण का कोई अशुभ प्रभाव नहीं माना गया। उप छाया ग्रहण को मलिन ग्रहण भी कहते हैं। यह चंद्र ग्रहण 10 जनवरी को रात 10.37 बजे शुरू हुआ था और रात्रि 02.42 मिनट तक रहा। इस ग्रहण से किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस ग्रहण में न तो सूतक लगता है और न ही इसका प्रभाव देखने को मिलता है। चंद्रमा शीतलता का ग्रह माना जाता है इसलिए ग्रहण का असर प्रकृति होगा तो सर्दी और बढ़ सकती, बारिश भी हो सकती है।
क्या होता है उप-छाया ग्रहण ?
चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य जब एक सीध पर होते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है तो चंद्र ग्रहण माना जाता है। लेकिन इस बार चंद्रमा पृथ्वी की छाया के बाहरी किनारे (पृथ्वी की उपछाया) से होकर गुजरेगा। यानी चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में छिपेगा नहीं। बल्कि हल्का मलिन होगा जिसकी मलिनता नंगी आंख से देख पाना मुश्किल है। इस प्रकार यह ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण होगा
ग्रहण के दौरान ध्यान रखें ये बातें-

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-ग्रहण के दौरान सोना नहीं चाहिए।
-ग्रहण के दौरा भोजन नहीं करना चाहि।
-ग्रहण के दौरान भगवान का ध्यान करना चाहिए या नाम का जाप करना चाहिए।
-अगले दिन आराम से स्नान-दान कर सकते हैं। इस बार कुछ नियमों का पालन न कर पाएं तो चिंता की बात नहीं है।
चंद्र ग्रहण का राशियों पर असर-
मेष राशि वालों के दोस्तों और भाई-बहनों से रिश्ते खराब हो सकते हैं। वहीं वृष राशि वाले परिवार में संभल कर चलें विवाद होने की संभावना है। मिथुन राशि के लोग अपनी सेहत का ध्यान रखें। कर्क राशि के लोगों का मन अशांत रहेगा। सिंह राशि के लोगों को धन लाभ हो सकता है। कन्या राशि के लोगों को नौकरी बदलनी पड़ सकती है। तुला राशि के लोग करियर में बदलाव ला सकते हैं। वृश्चिक राशि के लोगों के हर कार्य में अड़चन आएगी। धुन राशि के पति-पत्नी के संबंधों में कड़वाहट आएगी। मकर राशि के लोग हारा हुआ महसूस करेंगे। कुंभ राशि के लोगों को पेट की तकलीफें हो सकती हैं। मीन राशि के लोग अपने माता-पिता की सेहत का ध्यान रखें।
यह यूरोप, अफ्रीका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया में देखने को मिलेगा।
जानें लंदन, यूरोप, दुबई और दिल्ली में किस समय चंद्र ग्रहण दिखाई देगा।
लंदनः 7.10 च.उ. 10 जनवरी
यूरोपः 8.10 च.उ. 10 जनवरी
कायरोः 9.10 च.उ. 10 जनवरी
मास्कोः 10.10 च.उ.10 जनवरी
दुबई: 11.10.02 च.उ 10 जनवरी
नई दिल्लीः 12.40 च.उ. 11 जनवरी
शंघाई: 3.10 च.उ. 11 जनवरी
पर्थः 3ः10 च.उ. 11 जनवरी
चंद्र ग्रहण का वैज्ञानिक कारण-
खगोल विज्ञान के अनुसार जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध पर आते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है तो चंद्र ग्रहण होता है। इसी प्रकार जब सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आ जाता है और चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है यानी सूर्य के प्रकाश को आशिंक या पूरा कुछ समय के लिए रोक लेती है तो सूर्य ग्रहण होता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है इसका किसी के जीवन पर बुरा या अच्छा असर नहीं होता।
साल 2020 के आगामी ग्रहण-
10 जनवरी 2020- चंद्र ग्रहण
5 जून 2020- चंद्र ग्रहण
21 जून 2020 – सूर्य ग्रहण
5 जुलाई 2020- चंद्र ग्रहण
30 नवंबर 2020-चंद्र ग्रहण
14 दिसंबर 2020- सूर्य ग्रहण

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