नवरात्रि के सातवें दिन कालरात्रि के इन उपायों को आजमाकर देखें, खुल जाएंगे किस्मत के द्वार

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा की सातवीं शक्ति मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की जाती है। तांत्रिकों और अघोरियों के लिए यह रात बहुत महत्वपूर्ण होती है क्योंकि इस रात तंत्र मंत्र और सिद्धि के लिए मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की जाती है। मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप को महायोगिनी और महायोगेश्वरी भी कहा जाता है। माता के इस स्वरूप का वर्ण अंधकार के भांति काला है इसलिए मां दुर्गा की इस शक्ति को कालरात्रि भी कहा जाता है। तंत्र शास्त्र में नवरात्रि के सातवें दिन के लिए रात के समय किए जाने वाले कुछ विशेष उपाय के बारे में बताया गया है। इन उपायों को रात के समय करने से सभी नकारात्मक शक्तियों का अंत हो जाता है और बल व आयु में वृद्धि होती है। साथ ही माता के आशीर्वाद से किस्तम के द्वार खुल जाते हैं और कभी किसी चीज की कमी नहीं होती है। आइए जानते हैं नवरात्रि के सातवें दिन किए जाने वाले रात के इन उपायों के बारे में….

इस उपाय धन दौलत में होगी वृद्धि
माता कालरात्रि की पूजा अर्चना रात के समय भी करनी चाहिए। रात के समय पूजा के दौरान 108 गुलदाउदी फूलों से माला बनाएं, फिर माला को देवी मां को अर्पित कर दें। इसके बाद देवी के 32 नाम का जप करना लाभकारी रहेगा। रात के समय माता के नाम का 108 बार जर करने से माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है और अपार सुख और समृद्धि में अच्छी वृद्धि होती है।

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इस उपाय से माता होंगी प्रसन्न
नवरात्रि की सप्तमी तिथि के रात की जाने वाली पूजा को निशा पूजा कहा जाता है। इस पूजा में तांत्रिक माता का अनुसरण करते हैं और सिद्धियां प्राप्त करने के लिए पूजा अर्चना करते हैं। सामान्य लोग इस रात को माता का सिंगार पूजा करते हैं। सिंगार पूजा में माता को श्रृंगार के सामान के दो सेट अर्पित किया जाता है। एक सेट को मंदिर में दान कर दिया जाता है और दूसरे सेट को भक्त माता के प्रसाद के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

इस उपाय से मनोकामना होगी पूरी
सप्तमी तिथि की रात माता कालरात्रि के बीज मंत्र श्घ् ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चौ नमःश् मंत्र का सवा लाख बार जप करना चाहिए। इसके बाद दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और रात्रि जागरण रें। ऐसा करने से माता का विशेष कृपा प्राप्त होती है और सभी तरह की अशुभ शक्तियों का अंत हो जाता है। सवा लाख बार मंत्र का जप करने से बीज मंत्र सिद्ध हो जाता है। जप करने के बाद माता आपकी सभी मनोकामना पूरी करती हैं।

इस उपाय से बल व विजय की होगी प्राप्ति
नवरात्रि के सप्तमी तिथि की रात को माता कालरात्रि की पूजा अर्चना करने के बाद पेठे की बलि दी जाती है। इसके बाद आप गुड़ से बनी मिठाई या भोजन माता को अर्पित करें और घ् कालरात्रि माता देव्यै नमः मंत्र का 108 बार जप करें। मान्यता है कि ऐसा करने से विजय और बल की प्राप्ति होती है और सभी तरह के रोगों से मुक्ति मिल जाती है। अगर आप किसी कानूनी मामलों में फंसे हुए हैं तो इस रात यह उपाय करने से आपको विजय अवश्य प्राप्त होगी, ऐसी धार्मिक मान्यता है।

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इस उपाय से धन व सुख में होगी वृद्धि
नवरात्रि के सातवें दिन की रात को हवन और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना शुभ फलदायी माना गया है। इस रात को लाल कंबल के आसन पर बैठकर माता कालरात्रि के मंत्रों का जप करें और हवन करें। ऐसा करने से माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। घर या परिवार के सदस्यों पर अगर कोई बुरा साया है तो वह दूर हो जाता है और धन, बल, आरोग्य और सुख में वृद्धि होती है।

इस उपाय से सभी बाधाएं होंगी दूर
अगर आपके कार्य बार बार अटक जाते हैं और सम्मान में कमी आ रही है तो शाम के समय एक साफ नींबू लें और उस पर चार लौंग लगा दें। फिर नींबू को चार हिस्सों में काटकर चारों दिशाओं में गाड दें। उसके बाद हनुमते नमः मंत्र का जप करें और माता कालरात्रि का ध्यान करें। ऐसा करने से बुरी नजर का साया दूर हो जाता है और बिना किसी बाधा व परेशानी के सभी कार्य पूरे होने लगते हैं।

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