समाचार सच, हल्द्वानी। शिवमहापुराणसुशील महाराज श्री कालभैरव सन्यासाश्रम समिति के तत्वावधान में श्री पिपलेश्वर महादेव मन्दिर पटेल चौक में चल रहे शिवमहापुराण में बीते दिवस रविवार को व्यास पीठ पर विराजित सुशील महाराज ने कहा कि भगवान शिव वैराग्य के देवता माने गए हैं, इसके बावजूद शिव ने विवाह कर गृहस्थ आश्रम में रहकर वैराग्य धर्म का अनुसरण करने का तरीका दिया शिव परिवार में महादेव का वाहन नन्दी, मां पार्वती का वाहन शेर है, गणेश जी का मूषक और कार्तिकेय का वाहन मोर है, नहीं के बाहन एक दूसरे के शत्रु है, सभी विवरीत विचार धारा के बीच सामंजस्य बनाये रखना शिवमहापुराण सिखाता है।
डॉ कृष्ण चन्द्र जोशी के आचार्यत्व में श्री महादेव गिरि संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के परमाचार्य महेश चंद्र जोशी ने पूछा सम्पन्न की। कथा में उप व्यास डॉ कैलाश चन्द्र सनवाल पं मनोज सनवाल, डॉ राकेश गुणवन्त, नितिन उपाध्याय, कन्हैया फुलारा संजय आदि उपस्थित रहे/संस्था अध्यक्ष स्वामी महन्त हरि गिरि महाराज ने सभी भक्तों को आशीर्वचन देते हुए जगत कल्याण की कामना की कथा में प्रतिदिन पंचआंड्ग पूजन दिग्गजों भद्र पूजन, महामृत्युंजय जप, और शिवार्चन किया जा रहा है, आज के यजमान दिनेश खुल्वे, जगदीश तिवारी थे।
आयोजक मंडल से मोहन सिंह बोरा, भोलाशंकर जोशी, दिलीप महरोत्रा, राकेश गर्ग नवीन चन्द्र वर्मा, गोपाल वेलवाल, पुष्कर विष्ट, व्यवस्थापिका हरिप्रिया यति उपस्थित रहे। कथा के अन्त में मंडली द्वारा सुन्दर भजनों का गायन करते हुए श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। Shivmahapuran teaches us to maintain harmony between different thoughts: Sushil Maharaj



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