रोहिणी नक्षत्र के जयंती योग में मनाई जाएगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: आचार्य डा. सुशांत राज

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी रोहिणी नक्षत्र के जयंती योग में 30 अगस्त को मनाई जाएगी। 29 अगस्त शनिवार को रात 11.25 बजे अष्टमी तिथि शुरू होगी, जो 30 अगस्त देर रात 1.़59 बजे तक रहेगी। 101 वर्ष बाद इस दिन जयंती योग बन रहा है। जन्माष्टमी को लेकर जहां मंदिर समितियों ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है, वहीं बाजार भी कान्हा की ड्रेस और झूलों से सज गए हैं। धार्मिक मान्यतानुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। गढ़ी कैंट स्थित नवग्रह शनि मंदिर के आचार्य डा. सुशांत राज के मुताबिक शास्त्रों में भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, वृषभ राशि में चंद्रमा का होना और सोमवार अथवा बुधवार होना बेहद दुर्लभ संयोग माना जाता है, जिससे जयंती योग का निर्माण होता है। हिंदू पंचाग के अनुसार इस वर्ष जन्माष्टमी पर सर्वार्थसिद्धि योग भी रहेगा। ऐसे में इस दिन 12 बजे तक जागरण, पूजन, वंदन करना शुभ रहेगा। सुबह व्रत धारण कर घर के मंदिर में दीप जलाएं और भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप यानी लड्डू गोपाल का अभिषेक करें। मिश्री, मेवा आदि का भोग लगाएं। रात में भगवान कृष्ण की पूजा करें। जन्माष्टमी पर इस बार अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृतम संघ (इस्कान) ओएनजीसी के सामुदायिक केंद्र में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित करेगा। इसके अलावा चैतन्य गैड़ीय मठ डीएल रोड, श्याम सुंदर मंदिर पटेलनगर, पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर, आदर्श मंदिर समेत शहर के विभिन्न मंदिरों को सजाया गया है। कृष्ण जन्मोत्सव पर भजन, नृत्य, संगीत की मनमोहक प्रस्तुति देंगे।

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