समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में पितृपक्ष का विशेष महत्व है। इस दौर पितृ देव की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध किए जाते हैं और विशेष तरह की पूजा भी की जाती है। धार्मिक…


समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में पितृपक्ष का विशेष महत्व है। इस दौर पितृ देव की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध किए जाते हैं और विशेष तरह की पूजा भी की जाती है। धार्मिक…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज़ दिनांक १७ सितम्बर २०२४ मंगलवार का पंचांग श्रीसंवत २०८१ श्रीशाके १९४६ श्री सूर्य दक्षिणायन वर्षा ऋतु कन्यार्क २ गते आश्विन मास चान्द्रमास से भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि मंगलवार सूर्याेदय ६/३ बजे सूर्यास्त ६/११ बजे…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। पितृ पक्ष 16 दिनों का होता है इसलिए इसे सोलह श्राद्ध कहते हैं। पूर्णिमा से लेकर अमावस्या तक 16 श्राद्ध यानी सोलह तिथियां होती हैं। प्रत्येक तिथि का अलग अलग महत्व है। किस किसी के भी…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। इस वर्ष भाद्रपद पूर्णिमा 17 सितम्बर 2024, दिन मंगलवार को मनाई जा रही है। इसी दिन पूर्णिमा का श्राद्ध भी रहेगा, क्योंकि इसी दिन से पितृ श्राद्ध पक्ष प्रारंभ हो रहे हैं। प्रतिवर्ष भाद्रपद मास के…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिन्दू पंचांग के अनुसार इस बार पितृ पक्ष यानी श्राद्ध महालय भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से आरंभ हो रहे हैं। इस वर्ष पितृ पक्ष का 17 सितंबर 2024 मंगलवार से शुरू हो…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। (देहरादून)। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने आज राजधानी देहरादून मे जानकारी देते हुये बताया की पितृ पक्ष, जिसे श्राद्ध पक्ष भी कहा जाता है यह हिंदू कैलेंडर में मृतक पूर्वजों को समर्पित एक महत्वपूर्ण अवधि है।…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। (देहरादून)। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने आज राजधानी देहरादून मे जानकारी देते हुये बताया की अनंत चतुर्दशी तिथि का आरंभ 16 सितंबर को दिन में 3 बजकर 11 मिनट पर दोपहर बाद आरंभ होगा। वहीं, 17…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आपने कभी भी अपने दादा-दादी या नाना-नानी का घर देखा तो आपको याद होगा कि उनके घर का मुख्य द्वार दो हिस्सों में बटा होता था। सीधा -सीधा कहें तो पहले के दरवाजे हमेशा दो पल्ले…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। पौराणिक कहानी के मुताबिक देवतागण और पितरों को पितृपक्ष में लगातर श्राद्ध का भोजन सेवन करने से परेशान हो गए। दोनों को अजीर्ण हो गया। दोनो ही मिलकर ब्राह्मा के पास पहुंचे। है। पितृपक्ष के दौरान…