मंदिर ही नहीं इन स्थानों पर जाने से पहले भी उतार देने चाहिए जूते-चप्पल

खबर शेयर करें

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। शास्त्रों में कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताया है, जो मंदिर के समान पवित्र मानी गई हैं। इन जगहों पर जाने से पहले जूते-चप्पल बाहर उतारने पड़ते हैं। मान्यता है कि ऐसे स्थानों पर जूते-चप्पल पहनकर जाने से ना सिर्फ दुर्भाग्य साथ देना शुरू कर देता है बल्कि बाहर की गंदगी भी अंदर प्रवेश कर जाता ही है, जिससे घर में नकारात्मक शक्तियां प्रवेश कर जाती हैं। इसलिए ऐसे स्थानों पर जूते-चप्पल उतारने से बचना चाहिए। यह धार्मिक मान्यता हर उस जगह पर लागू होती हैं, जहां आप रहते हैं या कार्य करते हैं या फिर जहां ज्यादा समय गुजारते हैं। आइए जानते हैं उन स्थानों के बारे में।

मंदिर और पूजा स्थल
मंदिर में देवी-देवताओं का पूजा की जाती है इसलिए यहां जूते-चप्पल पहनकर जाने से देवी-देवता रूठ जाते हैं क्योंकि मंदिर उनका स्थान माना जाता है। इसलिए मंदिर या पूजा स्थल पर जूते-चप्पल न पहनकर जाने की सख्त मनाही होती है। धार्मिक मान्यता है कि देवों के स्थानों पर जूते-चप्पल पहन जाने से घर की बरकत खत्म हो जाती है और कलह शुरू हो जाती है।

रसोई घर
मंदिर की तरह ही रसोई को भी पूजनीय स्थान माना जाता है क्योंकि यहां अन्न और अग्नि दोनों का स्थान होता है और यह देव तुल्य माने जाते हैं। मान्यता है कि रसोई घर में जूता-चप्पल पहनने से अन्न की देवी यानी माता अन्नपूर्णा बेहद नाराज हो जाती हैं और अशुभ फल देने लगती हैं। ऐसा करने से अन्न की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें -   आज का राशिफल | 22 जुलाई 2026, बुधवारI जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा, किस राशि को मिलेगा धन लाभ और किन राशियों को बरतनी होगी विशेष सावधानी

भंडार गृह
भंडार गृह उस स्थान को कहते हैं, जहां पर रसोई का सामान जैसे, अन्न, चावल आदि चीजें रखी जाती हों। भंडार घर में भी जूते-चप्पल पहनकर नहीं जाना चाहिए। जो व्यक्ति इस बात का ध्यान रखता है, उसके घर में कभी भी धन-धान्य की कमी का सामना नहीं करना पड़ता। वहीं जो व्यक्ति इस नियम का पालन नहीं करता, उसके जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

यह भी पढ़ें -   पथरेश्वर महादेव मंदिर डबल मर्डर केस का खुलासा: अवैध संबंध और ब्लैकमेल बना दो साधुओं की हत्या की वजह

पवित्र नदी
भारत में कई पवित्र नदियां हैं, जिनको माता का दर्जा प्राप्त है। मान्यता है कि इन नदियों में स्नान करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और व्यक्ति को शांति मिलती है। इसलिए पवित्र नदियों में स्नान करने से पहले जूते-चप्पल या चमड़े की वस्तुओं को उतार देना चाहिए, इनको पहनकर नदियों में प्रवेश नहीं करना चाहिए। जूते-चप्पल पहनकर स्नान करने से घर की सुख-शांति खत्म हो जाती है और वाद-विवाद की स्थिति बनी रहती है।

तिजोरी
घर में जहां धन रखते हैं, जैसे तिजोरी या अल्मारी। वहां भी जूते-चप्पल पहनकर जाने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसे स्थान पर माता लक्ष्मी का वास माना जाता है। तिजोरी या अलमारी से सामान निकालते वक्त या रखते समय जूते-चप्पल नहीं पहनना चाहिए। इन बातों का ध्यान रखने से माता लक्ष्मी की हमेशा कृपा बनी रहती है।

ADVERTISEMENTSAd

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440