समाचार सच, हल्द्वानी। हल्द्वानी एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है, जहां इस बार भी रामलीला के मंच पर बेटियां राम और लक्ष्मण का किरदार निभाकर परंपराओं को नया रूप देंगी। जिस रामलीला को सालों से पुरुषों का क्षेत्र माना जाता था, अब वही मंच महिला शक्ति के दमदार अभिनय से गूंजने वाला है। नारी शक्ति की यह अनोखी पहल अब सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक आंदोलन बन चुकी है, जो यह संदेश दे रही है कि महिलाएं हर भूमिका में खुद को साबित कर सकती हैं।
1 अप्रैल से होगा भव्य आगाज
पुर्ननवा महिला समिति द्वारा आयोजित महिला रामलीला का यह चौथा वर्ष है। 1 अप्रैल से 11 अप्रैल तक हल्द्वानी के हीरानगर स्थित पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच में इसका भव्य आयोजन किया जाएगा। खास बात यह है कि इस रामलीला के सभी पात्रकृराम, लक्ष्मण, सीता से लेकर अन्य किरदार-सिर्फ महिलाएं और बालिकाएं निभाएंगी।
समिति की अध्यक्षा लता बोरा और सचिव शांति जीना ने बताया कि इस बार भी रामलीला पारंपरिक कुमाऊंनी शैली में प्रस्तुत की जाएगी। इसमें 10 वर्ष की बच्चियों से लेकर 70 वर्ष तक की महिलाएं भाग लेंगी, जो इस आयोजन को और भी खास बनाता है।
इस साल रामलीला में इस बार भी “सीता जन्म” और “बाल हनुमान की लीला” मुख्य आकर्षण रहेंगे। इसके साथ ही आयोजन स्थल पर स्थानीय खान-पान और हस्तशिल्प के स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जिससे यह सिर्फ धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक उत्सव का रूप ले लेगा।
प्रचार सचिव कल्पना रावत ने बताया कि राम, लक्ष्मण और अन्य किरदार निभाने वाली महिलाएं पिछले दो महीनों से लगातार अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने छंद, चौपाइयों और अभिनय की बारीकियां सीखकर इस मंचन को यादगार बनाने की पूरी तैयारी कर ली है।
पत्रकार वार्ता में समिति उपाध्यक्ष यशोदा रावत, जानकी पोखरिया, मन्जू बनकोटी, निर्मला बहुगुणा, कुसुम बोरा, जया बिष्ट, अंजना बोरा, प्रेमा ब्रजवासी, तुलसी रावत, किरन बिष्ट और कमला रौतेला भी मौजूद थीं।



सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440



