-राज्य सरकार का तीन वर्ष का कार्यकाल निराशाजनक : नेताप्रतिपक्ष
-बेरोजगारी, महंगाई, स्वास्थ्य, शिक्षा व किसानों की ज्वलंत समस्यायें जस की तस
समाचार सच, हल्द्वानी। नेता प्रतिपक्ष डॉ0 (श्रीमती) इन्दिरा हृदयेश ने कहा कि भाजपा सरकार में तीन वर्ष का कार्यकाल निराशाजनक रहा है। जहां राज्य सरकार तमाम दावे कर रही है, वहीं राज्य में बेरोजगारी, महंगाई, स्वास्थ्य, शिक्षा व किसानों की ज्वलन्त समास्यायें जस की तस है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ0 हृदयेश बुधवार को यहां नैनीताल रोड स्थित होटल सौरभ कॉन्फेंस हॉल में पत्रकारों से बातचीत कर रही थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी की दर 14.2 है, जो देश में सर्वाधिक है। सरकार बेजरोजगारों की सुध नहीं ले रही है। एक तरफ जहां सरकार एक्सप्रेस राजमार्गों की बात कर रही है। वहीं प्रदेश में अधिकतर सड़कें गड्ढों से चलने युक्त नहीं रह गयी है।
उन्होंने कहा कि भाजपा शासनकाल में मंहगाई में लोगों का जीना दूभर कर दिया है। गैस सिलेन्डर, राशन के दामों में भी वृद्धि हो गयी है। राज्य में किसानों की हालात भी दयनीय हैं। राज्य में किसानों की आत्महत्या की दर भी बढ़ रही है। अब तक राज्य में 13 किसान आत्महत्या कर चुकें हैं। वहीं उन्होंने जिला विकास प्राधिकरण के कार्यकलापों पर भी असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बनाये गये भू कानून का माफिया फायदा उठा रहे हैं। उनका कहना था कि राज्य सरकार ने देवस्थानम श्राइन बोर्ड का गठ न कर पुरोहित वर्ग के साथ अन्याय किया है। कांग्रेस के सत्ता में आने पर इस कानून को रद्द किया जायेगा।
विधायक डॉ0 हृदयेश ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल है। कोरोना से निपटने के लिये राज्य सरकार के प्रयास नाकाफी है। उन्होंने भाजपा पर आईएसबीटी के मामले पर जनता के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया, वहहीं राज्य सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को नहीं सुधारनें पर उसकी खिचाई की। उन्होंने मलिन बस्तियों को मालिकाना हक देने व नगर निगम द्वारा निगम क्षेत्र में बिना सुविधा दिये टैक्स वसूलने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएचडीसी संस्थान की पहचान मिटाने का कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार टिहरी बांध के विस्थापितों को अभी तक नहीं बसा पायी है। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, बिजली व पानी के दरों में वृद्धि होने, कमजोर वित्तीय प्रबन्धन, गंगा सफाई अभियान में पैसों की बंदर बांट व ई. टैण्डरिंग में छोटे ठेकेदारों की अनदेखी का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जनता भाजपा को आने वाले चुनावों में इसका जवाब देगी।
बेरोजगारी पर कब चेतेगी सरकार
समाचार सच, हल्द्वानी। पत्रकार वार्ता में नेता प्रतिपक्ष डॉ0 इन्दिरा हृदयेश ने बेरोजगारी के जो आंकड़े पेश किये वह निश्चय ही गंभीर है। राज्य में बेरोजगारी की दर दिन पर दिन बढ़ती जा रही है, वहीं राज्य बनने के बाद भी बेरोजगारों ने रोजगार के लिए धरने, प्रदर्शन जारी रखे। वर्तमान में भी देहरादून में बेरोजगारों का प्रदर्शन जारी है। उत्तराखण्ड राज्य बनने के पीछे पहाड़ों में बेरोजगारी एक मुख्य कारण रही। यहां युवाओं को रोजगार के मुद्दे पर हमेशा छला गया, जो वर्तमान में भी जारी है। इस मामले में विपक्ष की नेता की पहल सराहनीय है। डॉ0 इन्दिरा हृदयेश ने राज्य में व्याप्त बेरोजगारी पर जो चिंता जतायी है इस सरकार को सबक लेना चाहिए। हॉलाकि बेरोजगारी पर सरकार ने गंभीर पहल अभी तक नहीं की। लेकिन सरकार को इससे सबक लेने की आवश्यकता हैं।
वार्ता में मुख्य रूप से पूर्व काबीना मंत्री हरीश दुर्गापाल, पूर्व दर्जा राज्य मंत्री महेश शर्मा, पूर्व पालिकाध्यक्ष हेमन्त बगड्वाल, कांग्रेस जिला अध्यक्ष सतीश नैनवाल, एडवोकेट गोविन्द सिंह बिष्ट, महानगर अध्यक्ष राहुल छिमवाल, केदार पलड़िया आदि कांग्रेस नेतागण मौजूद थे।

सम्पादक
समाचार सच



सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440


