मानसून में इन बीमारियों का खतरा है ज्यादा, जानें बचने के तरीके

Ad
खबर शेयर करें

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। किसी भी तरह की बीमारी अगर हमारे पास आ जाए तो ये यकीनन बहुत ही ज्यादा परेशानी वाला सबब बन जाती है। पिछले कुछ समय से कोरोना का कहर इतना बढ़ा हुआ है कि हम उन सीजनल बीमारियों की तरफ ध्यान ही नहीं दे रहे हैं जो बहुत आसानी से हो सकती हैं और साथ ही साथ हमें परेशान कर सकती हैं। गर्मियों में कई लोगों को वायरल, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियां परेशान करती हैं वहीं मानसून में पानी से होने वाली बीमारियों का सीजन आ जाता है।
मानसून शायद उन सबसे अनोखे मौसम में से एक तो हमें बहुत मज़ा आता है, लेकिन इस मस्ती के कारण हमें परेशानी भी बहुत हो जाती है। मानसून से जुड़ी कई बीमारियां हैं जिनके बारे में हम एक्सपर्ट से सलाह लेते हैं। डायटीशियन और होलिस्टिक न्यूट्रिशनिस्ट और डाइट पोडियम की फाउंडर शिखा महाजन से हमने बात की और इस बारे में और जानने की कोशिश की।
मानसून से जुड़ी बीमारियों के बारे में उनका कहना है कि ये मौसम अपने आप में पेट से जुड़ी बीमारियों और हाईजीन से जुड़ा हुआ है। सबसे ज्यादा समस्या आंतों में होती है क्योंकि हमारी डाइट और खराब पानी का इस्तेमाल इसे कमजोर कर देते हैं और गट बैक्टीरिया पर बहुत ज्यादा असर होता है।
मानसून में होने वाली ज्यादातर बीमारियां-
जैसा कि हमने बताया कि मानसून में सबसे आम बीमारियां पेट से जुड़ी होती हैं, लेकिन इसी के साथ वायरल फीवर भी इस सीजन में आता है और हाईजीन की समस्याओं के चलते होता है। तो मानसून में ये बीमारियां कॉमन हैं-

  1. टाइफाइड
    खराब पानी से होने वाली सबसे कॉमन समस्या टाइफाइड ही है। इसमें तेज़ बुखार, आंतों में छालों के साथ गले का इन्फेक्शन भी होता है। जोड़ों का दर्द और सिरदर्द भी इसकी अहम समस्या है।
  2. पीलिया-
    जॉइंडिस या पीलिया हाईजीन और खराब पानी और खाने की वजह से होता है। इसमें बुखार, स्किन का पीला पड़ना, लिवर की परेशानी होती है।
  3. हेपिटाइटिस –
    ये वायरल इन्फेक्शन है जो खराब खाने और पानी की वजह से होता है। इससे भी लिवर की समस्या होती है। थकान, फीवर आदि बना रहता है।
  4. सर्दी और बुखार-
    मानसून को फ्लू सीजन भी कहा जाता है और मानसून में टेम्प्रेचर बढ़ने और घटने के कारण हमेशा ये होता है।
  5. इन्फ्लूएंजा-
    इसे लोग वारयल भी कहते हैं जो अक्सर एक इंसान से दूसरे इंसान तक फैलता है और हाईजीन की समस्याओं के कारण होता है।
  6. मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया-
    मच्छरों की तादात बढ़ने के कारण ये समस्याएं भी होती हैं। ये सभी बीमारियां मच्छर के काटने के कारण होती हैं और इनसे बचने के लिए आपको बहुत सारी समस्याओं का निदान करना पड़ता है।
    ये तो सब बीमारियां थीं जो मानसून के समय हमें परेशान करती हैं, लेकिन क्या आपने ये जानने की कोशिश की है कि इनका इलाज क्या है? शिखा महाजन कहती हैं कि आपको इस दौरान अपनी डाइट और हाईजीन दोनों का ख्याल रखने की जरूरत होती है।
    हाईजीन से जुड़े हल-
    गंदगी के कारण अधिकतर बीमारियों के संपर्क में हम आते हैं और ये समस्याएं बढ़ती चली जाती हैं।
    -मच्छरों को भगाने की पूरी कोशिश करें।
    -घर में कहीं भी पानी इकट्ठा न करें।
    -घर की सफाई बहुत जरूरी है।
    -बाहर से आने के बाद हाथों का धोना बहुत जरूरी है।
    -जरूरत से ज्यादा बाहर का खाना अवॉइड करें।
    -अनहाईजीनिक जगह का खाना न खाएं।
    -अगर घर के आस-पास पानी इकट्ठा हो रहा है तो मैनेजमेंट से कहकर उसे साफ करवाएं।
    -किसी भी तरह की बीमारी होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
    डाइट से जुड़े हल-
    शिखा महाजन का कहना है कि मानसून के समय हमारी डाइट में पकोड़ा, समोसा, टिक्की और अन्य स्ट्रीट फूड बहुत ज्यादा आता है और इतना सब जंक फूड हमारी आंतों को नुकसान पहुंचाता है। गर्म और ह्यूमिडिटी वाला मौसम बैक्टीरिया का ब्रीडिंग ग्राउंड बन जाता है। ऐसे में आपको कुछ बातों का ख्याल जरूर रखना चाहिए-
    -हेल्दी फूड्स की तरफ जाएं और जंक फूड को जितना हो सके कम खाएं।
    -अगर आपको कुछ गर्म खाने का मन है तो आप सूप या ब्रॉथ आदि ले सकते हैं पकोड़ा नहीं।
    -अगर आपको कुछ क्रंची खाना है तो रोस्टेड मखाना, चना जैसी चीज़ें खाएं पकोड़ा नहीं।
    -दिन में कम से कम 5 सर्विंग्स फलों और सब्जियों की खाएं।
    -पानी की कमी शरीर में न होने दें।
    ये सारी बीमारियां बस हमारी कुछ आदतों की वजह से बढ़ती हैं और इनका हल निकालना भी बहुत जरूरी होता है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

Ad
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *