समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। तुलसी का पौधा भारतीय घरों में सिर्फ सजावट के लिए नहीं बल्कि स्वास्थ्य और आध्यात्मिकता के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे भगवान विष्णु की प्रिय और घर में सुख-शांति लाने वाला पौधा कहा जाता है। घर में तुलसी के पौधे की देखभाल करना और उसे सही तरीके से जल देना बहुत जरूरी है, अगर सही समय, सही दिशा और सही तरीके से जल चढ़ाया जाए, तो इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। इसके साथ ही बीमारियों से बचाव और परिवार में सुख-समृद्धि का वातावरण बनता है। यही कारण है कि हर सुबह तुलसी के पास दीपक जलाने और जल अर्पित करने की परंपरा आज भी कायम है। माना जाता है कि तुलसी का पौधा घर के वास्तु दोष को भी दूर करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है। वैज्ञानिक दृष्टि से भी तुलसी के पौधे की पत्तियां और उसकी खुशबू वातावरण को शुद्ध बनाती हैं। इसलिए तुलसी को जल देने के कुछ खास नियम हैं, जिन्हें हर व्यक्ति को जानना चाहिए। आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्य अंशुल त्रिपाठी से।
तुलसी में जल चढ़ाने के नियम
समय का ध्यान
तुलसी में जल हमेशा सूर्याेदय के समय देना चाहिए। सुबह की ताजी हवा और सूर्य की किरणें पौधे के लिए लाभकारी होती हैं और इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
स्वच्छता और स्नान
तुलसी में जल चढ़ाने से पहले स्नान करना आवश्यक है। बिना नहाए जल चढ़ाने से यह शुभ नहीं माना जाता. यह नियम शुद्धता और सम्मान का प्रतीक है।
पात्र का चुनाव
जल चढ़ाने के लिए तांबे या पीतल के लोटे का उपयोग करना शुभ होता है, ये धातु नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करती हैं और पौधे के लिए भी लाभकारी मानी जाती हैं।
जल देने की दिशा
जल हमेशा तुलसी के पौधे की जड़ में देना चाहिए. पत्तों पर सीधे जल डालना सही नहीं माना जाता। जड़ में जल डालने से पौधा स्वस्थ रहता है और उसकी जड़ें मजबूत बनती हैं।
सप्ताह का ध्यान
तुलसी में जल रविवार और मंगलवार को नहीं चढ़ाना चाहिए। इन दिनों में जल देने से शुभ प्रभाव कम माना जाता है।
स्थान का महत्व
तुलसी का पौधा पूर्व या उत्तर दिशा में रखना सबसे अच्छा माना जाता है। यह दिशा घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती है और परिवार में सुख-शांति बढ़ाती है।
नियमित देखभाल
पौधे के आसपास की सफाई बनाए रखना जरूरी है। तुलसी के पास गंदगी या कचरा नहीं होना चाहिए। रोज़ाना थोड़ी मिट्टी हटाना और पौधे की जड़ों को हवादार रखना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।
सजावट और प्रेम
तुलसी को सजाने या उसमें जल चढ़ाने का तरीका इस तरह होना चाहिए कि पौधे को चोट न पहुंचे। हमेशा प्यार और सम्मान के साथ जल डालें।

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